फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   GST theft: Black business of junk openly without any account book

जीएसटी चोरी : बिना खाता-बही खुलेआम कबाड़ का काला कारोबार

Tue, 18 Feb 2025 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 18 Feb 2025 01:12 AM IST
विज्ञापन
GST theft: Black business of junk openly without any account book
परतावल। क्षेत्र में गांव से लेकर सभी चौक चौराहों पर बिना रोक टोक के कबाड़ की दुकानें संचालित की जा रही हैं। अभी कुछ दिन पहले परतावल के एक कबाड़ की दुकान पर स्टेट जीएसटी विभाग ने छापेमारी की थी।
विज्ञापन

इस दौरान व्यापारी कोई जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका था। विभाग की ओर से कारोबारी की ओर से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी करने की आशंका जताई गई है। दुकान में रखे गए सामानों का आंकलन अभी किया जा रहा है। गणना के बाद शुल्क जमा कराया जाएगा। परतावल चौराहा समेत क्षेत्र में कई ऐसे कबाड़ के व्यापारी हैं जो धंधे की आड़ में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी कर रहे हैं।
विज्ञापन

उनके द्वारा किस प्रकार के माल की खरीद व बिक्री की जा रही है इसे पूछने वाला कोई नहीं है। कारोबारी आसानी से ट्रक पर माल लोडकर उसे बड़े शहरों समेत अन्य राज्यों में भेज रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह वाहन मुख्य सड़कों से प्रदेश के कई जिलों से होकर आसानी से गुजर रहे हैं। इन पर निगरानी रखने और कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। खासकर परतावल से जुड़े कबाड़ कारोबारियों के प्रतिष्ठानों और गोदामों से रोजाना एक दो वाहनों की लोडिंग होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाहन में लोड किए जाने वाले कबाड़ की कीमत कितनी है और उसकी खरीदारी कितने में कि गई है इस पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। प्रत्येक कबाड़ की दुकान पर पहाड़ की तरह रखे हुए सामानों की खरीदारी किससे की गई है और उसकी लागत कितनी है इसका हिसाब सिर्फ व्यापारी के पास ही है। उनके द्वारा वकीलों के बनाए हुए दस्तावेजों के आधार पर नाम मात्र का टैक्स जमा कराया जाता है।
टैक्स चोरी का खुलासा तब होता है जब विभाग अचानक छापेमारी करता है। जहां विभाग नहीं पहुंच पाता है वहां कबाड़ व्यापारी बिना किसी लाइसेंस के धड़ल्ले से व्यापार कर रहे हैं। दर्जन भर से अधिक ऐसे व्यापारी हैं जिनके पास जीएसटी भी नहीं है। हाल ही में परतावल कप्तानगंज मार्ग पर स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर भी यही हुआ। व्यापारी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया।

जीएसटी गोरखपुर के डिप्टी कमिश्नर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि दुकानदार के खरीद बिक्री के सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। दुकानदार के अनुसार टैक्स जमा करने के लिए अपने सभी कागजात को वकील के पास भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed