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Maharajganj News: गोसदन के 40 एकड़ भूमि पर लहलहाएगा हरा चारा
Wed, 20 Mar 2024 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:17 AM IST
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चारा की बुआई को लेकर भूमि का निरीक्षण करते पशु डॉक्टरों की टीम।
निचलौल। क्षेत्र के मैरी गांव स्थित जिला गोसदन मधवलिया में खाली पड़ी 40 एकड़ भूमि पर हरे चारे की बुआई होगी। जिससे गोसदन में गोवंशीय पशुओं को आसानी से हरा चारा मिल सके। चारा उगाने के लिए चारों तरफ से खाई खोद दी गई है ताकि कोई पशु अंदार न जा सकें। साथ ही ट्यूबवेल भी लगा दिया गया है।
खंड विकास अधिकारी शमा सिंह ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी विनय पांडेय और अन्य कर्मियों के साथ जिला गोसदन मधवलिया का निरीक्षण किया गया था। जहां पर गोसदन में 534 गोवंशीय पशु मौजूद मिले। इनकी देखरेख करने के लिए दो सुपरवाइजर, 24 गोसेवक तैनात हैं। गोसदन में साफ-सफाई के अलावा अन्य समस्याएं देखी गईं। उसके बाद गोसदन की नियमित साफ-सफाई कराने के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया। वहीं गोवंशीय पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया था।
अब उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद गोसदन के 40 एकड़ भूमि में जल्द दशरथ, सूग बबूल, सहजन सहित कई प्रकार के घास की बुआई कराई जाएगी। इतना ही नहीं चारे को सुरक्षित रखने के लिए उक्त भूमि के चारों तरफ खाई की खोदाई कराने के साथ ही ट्यूबवेल लगा दी गई है। वर्तमान में गोसदन में नौ एकड़ भूमि पर बाजरा, ऐंपी चरी, नेपियर और मखन घास लहलहा रही है। पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार आएगा।
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खंड विकास अधिकारी शमा सिंह ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी विनय पांडेय और अन्य कर्मियों के साथ जिला गोसदन मधवलिया का निरीक्षण किया गया था। जहां पर गोसदन में 534 गोवंशीय पशु मौजूद मिले। इनकी देखरेख करने के लिए दो सुपरवाइजर, 24 गोसेवक तैनात हैं। गोसदन में साफ-सफाई के अलावा अन्य समस्याएं देखी गईं। उसके बाद गोसदन की नियमित साफ-सफाई कराने के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया। वहीं गोवंशीय पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया था।
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अब उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद गोसदन के 40 एकड़ भूमि में जल्द दशरथ, सूग बबूल, सहजन सहित कई प्रकार के घास की बुआई कराई जाएगी। इतना ही नहीं चारे को सुरक्षित रखने के लिए उक्त भूमि के चारों तरफ खाई की खोदाई कराने के साथ ही ट्यूबवेल लगा दी गई है। वर्तमान में गोसदन में नौ एकड़ भूमि पर बाजरा, ऐंपी चरी, नेपियर और मखन घास लहलहा रही है। पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार आएगा।
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