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चंद्र ग्रहण: लोगों ने देखा चंद्र ग्रहण, रात 1:26 बजे हुआ समाप्त
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सूतक लगते ही बंद हो गए मंदिरों के कपाट, बाहर से श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
ग्रहण के समय लोगों ने की पूजा-अर्चना, पाठ, जप व दान-पुण्य
गोरखपुर। साल का पहला चंद्र ग्रहण रविवार रात लगभग 9:57 बजे शुरू होकर 1:26 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने आसमान में चंद्र ग्रहण का नजारा ''''रेड मून'''' देखा। साथ ही अपने-अपने इष्ट देव की पूजा-अर्चना व जप, तप के साथ दान-पुण्य किया गया। पितृपक्ष व चंद्रग्रहण का संयोग 122 साल बाद बना। ग्रहण कुल तीन घंटे 30 मिनट तक रहा।
चंद्र ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर लगभग 1:26 बजे लग गया। सूतक लगते ही शहर के गोलघर काली मंदिर, विष्णु मंदिर, बाबा मुक्तेश्वर नाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के कपाट बंद हो गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिरों के बाहर से ही पूजा-अर्चना की। रात में ग्रहण लगने के बाद बहुत से लोगों ने घरों में जप-तप व भगवान का भजन किया। इस दौरान खाने-पीने से लोगों ने परहेज किया। दान-पुण्य भी किया। ग्रहण के समापन के बाद कुछ ने स्नान किया कुछ सोमवार सुबह स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे।
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि यह ग्रहण मिथुन, कर्क, वृश्चिक व मीन राशि के लिए शुभ व अन्य राशियों के लिए सामान्य रहा।
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आसमान में दिखा अद्भुत नजारा
रविवार की रात लोगों ने आसमान में एक अद्भुत खगोलीय नजारे का दर्शन किया। इस दौरान पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी ब्लड मून पूरे वैभव के साथ आसमान में दिखाई दिया। चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आकर लालिमा से आभायुक्त अद्वितीय रूप में नजर आया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। एक निजी संस्थान की ओर से सिक्टौर में आयोजित विशेष चंद्र-दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग और छात्र-छात्राएं पहुंचे। टेलिस्कोप से लोगों ने ग्रहण का मनमोहक दृश्य प्रत्यक्ष देखा और इसे जीवनभर याद रखने योग्य अनुभव बताया।
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ग्रहण के समय लोगों ने की पूजा-अर्चना, पाठ, जप व दान-पुण्य
गोरखपुर। साल का पहला चंद्र ग्रहण रविवार रात लगभग 9:57 बजे शुरू होकर 1:26 बजे समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने आसमान में चंद्र ग्रहण का नजारा ''''रेड मून'''' देखा। साथ ही अपने-अपने इष्ट देव की पूजा-अर्चना व जप, तप के साथ दान-पुण्य किया गया। पितृपक्ष व चंद्रग्रहण का संयोग 122 साल बाद बना। ग्रहण कुल तीन घंटे 30 मिनट तक रहा।
चंद्र ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर लगभग 1:26 बजे लग गया। सूतक लगते ही शहर के गोलघर काली मंदिर, विष्णु मंदिर, बाबा मुक्तेश्वर नाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के कपाट बंद हो गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिरों के बाहर से ही पूजा-अर्चना की। रात में ग्रहण लगने के बाद बहुत से लोगों ने घरों में जप-तप व भगवान का भजन किया। इस दौरान खाने-पीने से लोगों ने परहेज किया। दान-पुण्य भी किया। ग्रहण के समापन के बाद कुछ ने स्नान किया कुछ सोमवार सुबह स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे।
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गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि यह ग्रहण मिथुन, कर्क, वृश्चिक व मीन राशि के लिए शुभ व अन्य राशियों के लिए सामान्य रहा।
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आसमान में दिखा अद्भुत नजारा
रविवार की रात लोगों ने आसमान में एक अद्भुत खगोलीय नजारे का दर्शन किया। इस दौरान पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी ब्लड मून पूरे वैभव के साथ आसमान में दिखाई दिया। चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आकर लालिमा से आभायुक्त अद्वितीय रूप में नजर आया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। एक निजी संस्थान की ओर से सिक्टौर में आयोजित विशेष चंद्र-दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग और छात्र-छात्राएं पहुंचे। टेलिस्कोप से लोगों ने ग्रहण का मनमोहक दृश्य प्रत्यक्ष देखा और इसे जीवनभर याद रखने योग्य अनुभव बताया।