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Maharajganj News: जार्डन के उत्पात से गोरखपुर जेल प्रशासन परेशान, हथकड़ी में रखने की मांगी अनुमति
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जेल की दीवार, पंखा और बल्ब तोड़ने के साथ बंदीरक्षक का गला दबाने का भी आरोप
महराजगंज। ब्रिटिश नागरिक जार्डन के गोरखपुर जिला कारागार में लगातार उत्पात को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे हथकड़ी में रखने की अनुमति मांगी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जार्डन के मामले में सुनवाई 15 सितंबर को होनी है।
जेल प्रशासन के मुताबिक, गोरखपुर जेल अधीक्षक ने 14 सितंबर को महराजगंज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को पत्र भेजकर जेल की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, बंदीरक्षकों से मारपीट और जेल का माहौल बिगाड़ने की जानकारी दी है।
जार्डन ने कारागार के भीतर बन रही एक दीवार गिरा दी। अपने बैरक में पंखे और रोशनी के लिए लगा बल्ब भी तोड़ दिया। इससे पहले उस पर एक बंदीरक्षक का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप है। घटना के बाद जेल कर्मियों ने उसे काबू में किया। उसकी गतिविधियों को देखते हुए जिला जेल में विशेष निगरानी की जा रही है। जेल सूत्रों के अनुसार, नंबरदार के साथ कथित तौर पर आक्रामक व्यवहार के बाद बंदीरक्षक और नंबरदार उसके पास अकेले जाने से बच रहे हैं।
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जार्डन को 11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एसएसबी ने बिना वीजा-पासपोर्ट नेपाल जाने के दौरान पकड़ा था। उसे सोनौली पुलिस को सौंपा गया था। इसके बाद आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। नागरिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई। 26 अगस्त की सुनवाई में ब्रिटिश नागरिकता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें धोखाधड़ी की तीन धाराएं बढ़ाई गईं। पिछली तारीख पर मजिस्ट्रेट के नहीं बैठने के कारण प्रभारी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह ने 15 सितंबर की तारीख तय की थी।
फिलहाल सोमवार को जार्डन को दिल्ली के एक मामले में अदालत में पेश करने के लिए दिल्ली ले जाया गया है। मंगलवार को महराजगंज न्यायालय में होने वाली सुनवाई में उसकी पेशी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जेल प्रशासन की ओर से भेजे गए हथकड़ी में रखने की अनुमति संबंधी पत्र पर भी अदालत में सुनवाई के दौरान विचार हो सकता है।
महराजगंज जेल से भेजा गया था गोरखपुर
जार्डन की गतिविधियों को देखते हुए उसे महराजगंज जिला कारागार से गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। अब गोरखपुर जेल में भी उसकी गतिविधियों से प्रशासन परेशान है। जेल अधीक्षक ने अदालत से उसे हथकड़ी में रखने की अनुमति मांगी है। पत्र की पुष्टि गोरखपुर जेल प्रशासन और जार्डन की पैरवी कर रहे विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल डिफेंस काउंसिल आशुतोष पांडेय ने की है।
जार्डन की गतिविधियों के मद्देनजर ही उसे महराजगंज से गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। अब वहां भी उसकी हरकतें प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। मंगलवार की सुनवाई में पत्र को विपक्षी अधिवक्ता न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
-आशुतोष पांडेय, लीगल डिफेंस, विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज।
जार्डन की गतिविधियों से संबंधित पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और विधिक सेवा प्राधिकरण के डिफेंस काउंसिल को भेजा गया है। हथकड़ी में रखने की अनुमति मिलने से उसे संभालने में आसानी होगी।
-डीके पांडेय, जेल अधीक्षक गोरखपुर।
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महराजगंज। ब्रिटिश नागरिक जार्डन के गोरखपुर जिला कारागार में लगातार उत्पात को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे हथकड़ी में रखने की अनुमति मांगी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जार्डन के मामले में सुनवाई 15 सितंबर को होनी है।
जेल प्रशासन के मुताबिक, गोरखपुर जेल अधीक्षक ने 14 सितंबर को महराजगंज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को पत्र भेजकर जेल की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, बंदीरक्षकों से मारपीट और जेल का माहौल बिगाड़ने की जानकारी दी है।
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जार्डन ने कारागार के भीतर बन रही एक दीवार गिरा दी। अपने बैरक में पंखे और रोशनी के लिए लगा बल्ब भी तोड़ दिया। इससे पहले उस पर एक बंदीरक्षक का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का भी आरोप है। घटना के बाद जेल कर्मियों ने उसे काबू में किया। उसकी गतिविधियों को देखते हुए जिला जेल में विशेष निगरानी की जा रही है। जेल सूत्रों के अनुसार, नंबरदार के साथ कथित तौर पर आक्रामक व्यवहार के बाद बंदीरक्षक और नंबरदार उसके पास अकेले जाने से बच रहे हैं।
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जार्डन को 11 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एसएसबी ने बिना वीजा-पासपोर्ट नेपाल जाने के दौरान पकड़ा था। उसे सोनौली पुलिस को सौंपा गया था। इसके बाद आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। नागरिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से चार्जशीट दाखिल करने में देरी हुई। 26 अगस्त की सुनवाई में ब्रिटिश नागरिकता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें धोखाधड़ी की तीन धाराएं बढ़ाई गईं। पिछली तारीख पर मजिस्ट्रेट के नहीं बैठने के कारण प्रभारी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह ने 15 सितंबर की तारीख तय की थी।
फिलहाल सोमवार को जार्डन को दिल्ली के एक मामले में अदालत में पेश करने के लिए दिल्ली ले जाया गया है। मंगलवार को महराजगंज न्यायालय में होने वाली सुनवाई में उसकी पेशी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जेल प्रशासन की ओर से भेजे गए हथकड़ी में रखने की अनुमति संबंधी पत्र पर भी अदालत में सुनवाई के दौरान विचार हो सकता है।
महराजगंज जेल से भेजा गया था गोरखपुर
जार्डन की गतिविधियों को देखते हुए उसे महराजगंज जिला कारागार से गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। अब गोरखपुर जेल में भी उसकी गतिविधियों से प्रशासन परेशान है। जेल अधीक्षक ने अदालत से उसे हथकड़ी में रखने की अनुमति मांगी है। पत्र की पुष्टि गोरखपुर जेल प्रशासन और जार्डन की पैरवी कर रहे विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल डिफेंस काउंसिल आशुतोष पांडेय ने की है।
जार्डन की गतिविधियों के मद्देनजर ही उसे महराजगंज से गोरखपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। अब वहां भी उसकी हरकतें प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। मंगलवार की सुनवाई में पत्र को विपक्षी अधिवक्ता न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
-आशुतोष पांडेय, लीगल डिफेंस, विधिक सेवा प्राधिकरण, महराजगंज।
जार्डन की गतिविधियों से संबंधित पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और विधिक सेवा प्राधिकरण के डिफेंस काउंसिल को भेजा गया है। हथकड़ी में रखने की अनुमति मिलने से उसे संभालने में आसानी होगी।
-डीके पांडेय, जेल अधीक्षक गोरखपुर।