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Maharajganj News: तराई को नहीं भा रहे गौरजीत, 50 में भी नहीं मिल रहे खरीदार
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स्थानीय आम पैदावार सीमित होने से कारोबारी भी निराश
महराजगंज। जनपदवासियों को गौरजीत का स्वाद नहीं पसंद आ रहा है। 50 रुपये प्रति किलो की दर से भी लोग इसे खरीदने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि गौरजीत व दशहरी जैसे आम की वेरायटी को खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
4 हजार हेक्टेयर आम की बागवानी वाले जिले के बागवान इस बार निराश हैं। क्योंकि एक तो आम में बौर कम रहे और चार से पांच बार आई आंधी बारिश ने भी काफी नुकसान किया। स्थानीय आम का उत्पादन इस बार बहुत कम होने के चलते अधिकतर फल कारोबारियों ने बाहरी प्रजाति गौरजीत व दशहरी को तवज्जो दी। लेकिन इन दोनों वेरायटी के आमों की बिक्री नहीं हो रही है।
कोतवाली के निकट फल की दुकान लगाने वाले शंभू ने बताया कि 50 किलो दशहरी व इतने ही गौरजीत आम मंगाया था, लेकिन दोनों वेरायटी को लोगो ने नापसंद किया जिसके कारण किसी तरह 50 रुपये किलो में गौरजीत की बिक्री कर पाया बाकी 75 रुपये किलो दशहरी की बिक्री भी बहुत कम इसलिए अबकी बार आम की जगह तरबूज व खरबूज का ऑर्डर दिया।
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निचलौल मार्ग के बस स्टेशन के निकट फल बिक्री करने वाले अजीम ने बताया कि स्थानीय लोग कपुरी आम पसंद कर रहे हैं लेकिन इस बार स्थानीय पैदावार कम है और दशहरी व गौरजीत को खरीदार नहीं मिल रहे। दोनों वेरायटी की बिक्री देखकर दोबारा नहीं दिया गया।
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महराजगंज। जनपदवासियों को गौरजीत का स्वाद नहीं पसंद आ रहा है। 50 रुपये प्रति किलो की दर से भी लोग इसे खरीदने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि गौरजीत व दशहरी जैसे आम की वेरायटी को खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
4 हजार हेक्टेयर आम की बागवानी वाले जिले के बागवान इस बार निराश हैं। क्योंकि एक तो आम में बौर कम रहे और चार से पांच बार आई आंधी बारिश ने भी काफी नुकसान किया। स्थानीय आम का उत्पादन इस बार बहुत कम होने के चलते अधिकतर फल कारोबारियों ने बाहरी प्रजाति गौरजीत व दशहरी को तवज्जो दी। लेकिन इन दोनों वेरायटी के आमों की बिक्री नहीं हो रही है।
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कोतवाली के निकट फल की दुकान लगाने वाले शंभू ने बताया कि 50 किलो दशहरी व इतने ही गौरजीत आम मंगाया था, लेकिन दोनों वेरायटी को लोगो ने नापसंद किया जिसके कारण किसी तरह 50 रुपये किलो में गौरजीत की बिक्री कर पाया बाकी 75 रुपये किलो दशहरी की बिक्री भी बहुत कम इसलिए अबकी बार आम की जगह तरबूज व खरबूज का ऑर्डर दिया।
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निचलौल मार्ग के बस स्टेशन के निकट फल बिक्री करने वाले अजीम ने बताया कि स्थानीय लोग कपुरी आम पसंद कर रहे हैं लेकिन इस बार स्थानीय पैदावार कम है और दशहरी व गौरजीत को खरीदार नहीं मिल रहे। दोनों वेरायटी की बिक्री देखकर दोबारा नहीं दिया गया।