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Maharajganj News: एक ही दिन दो सगी बहनों का उठा जनाजा, बिखरी दो परिवारों की खुशियां

Thu, 23 Jan 2025 08:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 23 Jan 2025 08:53 PM IST
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Funeral of two real sisters took place on the same day, happiness of two families shattered
बागापार। नगर पालिका परिषद महाराजगंज में हनुमानगढ़ी के पास बुधवार को हुए मार्ग दुर्घटना में दो सगी बहनों की मौत हो गई थी। दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों के चित्कार से पूरा गांव गूंज उठा। हृदयविदारक घटना से परिजन को संभालने वाले लोगों और महिलाओं का भी कलेजा फट जा रहा था। उनके आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सोनरा निवासी 37 वर्षीय रईशा और पनियरा थाना क्षेत्र के सोनबरसा निवासी उनकी 34 वर्षीय बहन मुरैशा का जनाजा बृहस्पतिवार को एक साथ उठा यह देख सबका कलेजा फट गया। दोनों बहनों को खोने के बाद परिजन बदहवास हो गए हैं। रईशा सोनरा गांव के ग्राम प्रधान के भाई इमरान की पत्नी थी।
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उनकी तीन बेटियां साबिया, साइना व हुस्न आरा तथा बेटा अफरोज का मां के लिए बिलखना तथा आठ माह की बच्ची रोजी अपनी मां मुरैशा के लिए जोर-जोर से चिल्लाकर रोना देख लोगों का दर्द से कलेजा फट जा रहा था। पीड़ित के घर जुटे ग्रामीणों के आंखों में आंसू झलक जा रहे थे।
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इस हृदय विदारक घटना से जहां एक तरफ दोनों सगी बहनों की मौत से उनके घर में मातम छाया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उनके मायके भिटौली थाना क्षेत्र के ग्राम पचरुखिया में भी लोग गमगीन हैं।



मुरैशा का पति से मिलने की हसरत रह गई अधूरी
बागापार। बृहस्पतिवार की शाम पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनबरसा निवासी फिरोज की पत्नी मुरैशा खातून का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही परिजन शव लेकर गांव पहुंचे, वैसे ही घर पर भारी भीड़ जुड़ गई। परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। वहीं आठ माह की बच्ची रोजी अपनी मां को ढूंढ रही थी। परिजन शव से लिपट कर रो रहे थे तो रोजी मां को निहार रही थी। उसे क्या पता था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। मुरैशा खातून के पति फिरोज रोजी रोटी के सिलसिले में सऊदी अरब गए हैं। फिरोज फोन पर फफक कर रो रहे थे। परिजनों से कह रहे थे कि पत्नी और बच्चों के सपने को पूरा करने विदेश आए, लेकिन क्रूर काल ने मेरा सब कुछ छीन लिया। वे कह रहे थे कि फोन पर पत्नी से जब भी बात होती थी तो वह घर आने को कहती थी। काश हम घर होते तो पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हो जाते।
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