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जुलाई में बारिश ने तोड़ा चार साल का रिकार्ड
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:03 AM IST
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जुलाई में बारिश ने तोड़ा चार साल का रिकार्ड
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में जुलाई माह में हुई बारिश से चार साल का सूखा दूर हो गया है। इस वर्ष जुलाई महीने में 452 एमएम पानी गिरा है, जो औसत से 59 एमएम ज्यादा है। पूर्व के वर्षों में हुई बरसात के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जुलाई माह में अच्छी बारिश हुई है। प्रकृति की मेहरबानी से किसान खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार फसल अच्छी होगी। मौसम विभाग भी जिले में इस वर्ष बेहतर बारिश की बात कह रहा है। यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए लाभदायक बताई जा रही है।
जून माह में बारिश नहीं होते देख किसान परेशान हो गए थे। उन्हें डर सताने लगा था कि कहीं इस बार धान की फसल बर्बाद न हो जाए। इस बीच जुलाई माह में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि जुलाई माह के शुरूआती दौर में बारिश कुछ खास नहीं हुई लेकिन 10 जुलाई के बाद बारिश बेहतर हुई। जुलाई माह में औसत से 59 एमएम ज्यादा बारिश हुई। जुलाई माह की औसत बारिश 358 एममए है। आगे भी बेहतर बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे इस बार सूखे की आशंका लगभग खत्म हो गई है। मौसम वैज्ञानिक केशव पांडेय ने बताया कि वर्ष 2013 में जुलाई माह में 122 एमएम, 2014 में 103 एमएम, 2015 में 167 एमएम बारिश हुई। वर्ष 2016 में 417 एमएम बारिश हुई। वहीं 2017 में 273 एमएम और 2018 में 452 एमएम बारिश हुई है। बीते चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष जुलाई माह में हुई बारिश से चार साल का सूखा दूर हो गया है। यह किसानों के लिए सुखद संदेश हैं। बेहतर बारिश होने से फसल अच्छी होने की उम्मीद है। उप निदेशक कृषि गणेश दूबे ने कहा कि जुलाई माह की बारिश खेती के लिए अच्छी है। धान की फसल को समय-समय पर पानी मिलता रहे तो अच्छी पैदावार होगी।
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जून माह में बारिश नहीं होते देख किसान परेशान हो गए थे। उन्हें डर सताने लगा था कि कहीं इस बार धान की फसल बर्बाद न हो जाए। इस बीच जुलाई माह में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि जुलाई माह के शुरूआती दौर में बारिश कुछ खास नहीं हुई लेकिन 10 जुलाई के बाद बारिश बेहतर हुई। जुलाई माह में औसत से 59 एमएम ज्यादा बारिश हुई। जुलाई माह की औसत बारिश 358 एममए है। आगे भी बेहतर बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे इस बार सूखे की आशंका लगभग खत्म हो गई है। मौसम वैज्ञानिक केशव पांडेय ने बताया कि वर्ष 2013 में जुलाई माह में 122 एमएम, 2014 में 103 एमएम, 2015 में 167 एमएम बारिश हुई। वर्ष 2016 में 417 एमएम बारिश हुई। वहीं 2017 में 273 एमएम और 2018 में 452 एमएम बारिश हुई है। बीते चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष जुलाई माह में हुई बारिश से चार साल का सूखा दूर हो गया है। यह किसानों के लिए सुखद संदेश हैं। बेहतर बारिश होने से फसल अच्छी होने की उम्मीद है। उप निदेशक कृषि गणेश दूबे ने कहा कि जुलाई माह की बारिश खेती के लिए अच्छी है। धान की फसल को समय-समय पर पानी मिलता रहे तो अच्छी पैदावार होगी।
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