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Maharajganj News: जंगल हो रहे वीरान, फर्नीचर से सज रहे घर

Fri, 07 Jun 2024 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 07 Jun 2024 02:37 AM IST
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Forests are becoming deserted, houses are being decorated with furniture
महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के जंगलों पर लकड़ी तस्करों की नजर गड़ी है। कीमती लकड़ियां काटकर जंगल को वीरान कर रहे हैं। जिम्मेदारों की मिलीभगत से दरवाजे, खिड़की सहित अन्य प्रकार के सामान बनाकर बड़े महानगरों में भेजकर मालामाल हो रहे हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के मधवलिया, पकड़ी, चौक, लक्ष्मीपुर और निचलौल रेंज के जंगलों की कटान को रोकने के लिए वन विभाग की टीम लगातार छापा मारकर कार्रवाई करती रहती है। साथ ही टीम तस्करों के घरों, आरा मशीनों और सार्वजनिक स्थलों से जंगल से काटी गई लकड़ियों को भी बरामद करती है। वन विभाग के अभियान के बावजूद भी तस्करों के हौसले बुलंद हैं और वह बिना किसी भय के जंगल से कीमती हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। इन वन रेंज में पेड़ों अवैध कटान बीते कुछ दिनों से तेज हो गई है।
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माना जा रहा है की कुछ विभाग के जिम्मेदारों से मिलीभगत कर तस्कर पेड़ों की कटान कर रहे है। इन दिनों वन रेंज के जंगलों से सटे गांवों और चौराहों पर जगह-जगह फर्नीचर उद्योग और दुकानें भी तेजी से फल-फूल रहे हैं। फर्नीचर बाजार में लकड़ी की बढ़ती मांग को देखते हुए लकड़ी तस्कर अपने अवैध अभियान में जुटे हैं। स्थित यह है कि वन माफिया शाम होते ही अपने काम में लग जाते हैं।
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वहीं जंगल से सटे गांव के लोगों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया की मधवलिया और पकड़ी वन रेंज में कीमती पेड़ों की कटान के मामले बढ़ते जा रहे हैं। तस्करों की ओर से साखू और सागौन की कीमती पेड़ों को निशाना बनाया जा रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटान से जहां एक तरफ वन संपदा को क्षति पहुंच रही है। वहीं पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है। हरे पेड़ों की अवैध कटान से पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा है। यहां के जंगल से काटी गई लकड़ी को दरवाजा, खिड़की और फर्नीचर बनाकर गैर जनपदों के शहरों में भी भेजी जा रही है।


जंगलों की वन संपदाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सूचना मिलने पर लकड़ी तस्करों के खिलाफ छापा मारकर कार्रवाई भी की जाती है। फर्नीचर की दुकानों पर भी विभाग की ओर से जांच की जाती है।

-नवीन प्रकाश शाक्य, डीएफओ



हम दातून भी तोड़ लें तो चोर साबित हो जाएंगे
पकड़ी वन रेंज से सटे गांव के लोगों ने कहा की अगर हम जंगल से दातून भी तोड़ ले तो विभाग के जिम्मेदार हमें चोर साबित कर देते हैं। इसलिए हम लोग इन सबसे काफी से दूर रहते हैं। कुछ दिन पहले गांव के कुछ युवक जंगल की सड़कों पर घूमने निकले थे। जिसे लेकर विभाग के जिम्मेदार अफसरशाही दिखाने लगे थे। उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उसके बाद से वह लोग कभी जंगल की ओर घूमने नहीं गए। वहीं तस्कर जंगल से कीमती लकड़ी की चोरी कर लेते हैं। कई बार जिम्मेदारों पर हमला भी बोल देते हैं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार हर बार खामोश हो जाती है।


पेड़ों की रक्षा की जानी चाहिए
राष्ट्रीय इंटरमीडिएट काॅलेज बाली के भूगोल प्रवक्ता संजय राय ने कहा की जैव विविधता, वन स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन शमन सुनिश्चित करने के लिए पेड़ों की रक्षा की जानी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़-पौधों की सुरक्षा जरूरी है। आज के समय में बेतहाशा गर्मी इसी का परिणाम है।
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