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Maharajganj News: वन टागियां को नहीं मिल सका अधिकार प्रमाणपत्र
Fri, 20 Sep 2024 05:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 20 Sep 2024 05:31 AM IST
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महराजगंज। वन अधिकार अधिनियम प्रभावी होने के बाद भी अधिकार प्रमाण पत्र से वंचित वन टांगिया समुदाय के लोगों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग किया कि वन टांगिया समुदाय को अधिकार प्रमाणपत्र निर्गत किया जाए क्योंकि वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें यह अधिकार प्रदान किया गया है।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के वन टांगिया समुदाय के लोगों को उनका हक नहीं प्राप्त हो रहा है। सभी तरह के प्रपत्रों की उपलब्धता के बाद भी भूमि का अधिकार प्रमाण पत्र प्रशासन ने नहीं उपलब्ध कराया न ही चकबंदी प्रक्रिया में बदलाव कराया गया। वन भूमि पर कब्जा रखने के बाद भी वनटांगिया उस भूमि के मालिक नहीं हैं। इसलिए जनपद के 18 वन टांगिया ग्रामों में चकबंदी बंदोबस्त कराते हुए प्रशासन वन टांगिया को अधिकार प्रमाणपत्र मुहैया कराए।
चकबंदी बंदोबस्त गजट होने के बाद अगर अधिकार प्रमाणपत्र नहीं मिला तो वनटांगिया वन भूमि से वंचित कर दिए जाएंगे। भलुवहिया, सिंहपुर, खुर्रमपुर, हथियहवा, आजादनगर, अचलगढ़ व चेतराम के वन टांगिया प्रशासनिक लापरवाही से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन चकबंदी की विसंगतियों को दूर कराते हुए अधिकार प्रमाणपत्र निर्गत करे। वन टांगिया विकास समिति के अध्यक्ष जयराम प्रसाद, रामानंद शर्मा, सुग्रीव, राजेंद्र, सीताराम, अशोक, रामजी, राजाराम, रामशंकर, सुभाषचंद्र निषाद, श्याम बिहारी, मदन भारती सहित अन्य लोग ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे।
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डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वन अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के वन टांगिया समुदाय के लोगों को उनका हक नहीं प्राप्त हो रहा है। सभी तरह के प्रपत्रों की उपलब्धता के बाद भी भूमि का अधिकार प्रमाण पत्र प्रशासन ने नहीं उपलब्ध कराया न ही चकबंदी प्रक्रिया में बदलाव कराया गया। वन भूमि पर कब्जा रखने के बाद भी वनटांगिया उस भूमि के मालिक नहीं हैं। इसलिए जनपद के 18 वन टांगिया ग्रामों में चकबंदी बंदोबस्त कराते हुए प्रशासन वन टांगिया को अधिकार प्रमाणपत्र मुहैया कराए।
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चकबंदी बंदोबस्त गजट होने के बाद अगर अधिकार प्रमाणपत्र नहीं मिला तो वनटांगिया वन भूमि से वंचित कर दिए जाएंगे। भलुवहिया, सिंहपुर, खुर्रमपुर, हथियहवा, आजादनगर, अचलगढ़ व चेतराम के वन टांगिया प्रशासनिक लापरवाही से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन चकबंदी की विसंगतियों को दूर कराते हुए अधिकार प्रमाणपत्र निर्गत करे। वन टांगिया विकास समिति के अध्यक्ष जयराम प्रसाद, रामानंद शर्मा, सुग्रीव, राजेंद्र, सीताराम, अशोक, रामजी, राजाराम, रामशंकर, सुभाषचंद्र निषाद, श्याम बिहारी, मदन भारती सहित अन्य लोग ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे।
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