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Maharajganj News: रेहड़ी दुकानदारों का खाद्य लाइसेंस हुआ निशुल्क
Sun, 16 Mar 2025 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 16 Mar 2025 01:05 AM IST
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महराजगंज। जनपद के करीब 5 हजार से अधिक रेहड़ी-पटरी व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इनके लिए खाद्य पदार्थ बिक्री करने का लाइसेंस निशुल्क कर दिया है।
पहले इसके लिए 100 रुपये का शुल्क व नोटरी का प्रावधान था, लेकिन अब कोई शुल्क नहीं देना होगा और नोटरी की जरूरत भी नहीं होगी। लाइसेंस के लिए सिर्फ आवेदन करना होगा। विभाग ने लाइसेंस लेने वालों की संख्या बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। रेहड़ी-पटरी का रिकार्ड रखने और इन पर मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने लाइसेंस फीस निशुल्क कर दिया है।
ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वाले योजनाओं से जुड़ सकें और विभाग के पास भी रिकार्ड दर्ज रहे, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। यह लोग खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए लाइसेंस लेने के लिए जागरूक नहीं थे। आवेदन करते समय पहले 100 रुपये का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसे देने की जरूरत नहीं होगी।
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रेहड़ी-पटरी वालों को पंजीकरण के समय फीस जमा करने की अब आवश्यकता नहीं है। शासन ने इसे निशुल्क कर दिया है जिससे ठेला लगाकर खाद्य पदार्थ बिक्री करने वाले लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक हो सकें।
-डाॅ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
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पहले इसके लिए 100 रुपये का शुल्क व नोटरी का प्रावधान था, लेकिन अब कोई शुल्क नहीं देना होगा और नोटरी की जरूरत भी नहीं होगी। लाइसेंस के लिए सिर्फ आवेदन करना होगा। विभाग ने लाइसेंस लेने वालों की संख्या बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। रेहड़ी-पटरी का रिकार्ड रखने और इन पर मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने लाइसेंस फीस निशुल्क कर दिया है।
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ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वाले योजनाओं से जुड़ सकें और विभाग के पास भी रिकार्ड दर्ज रहे, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। यह लोग खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए लाइसेंस लेने के लिए जागरूक नहीं थे। आवेदन करते समय पहले 100 रुपये का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसे देने की जरूरत नहीं होगी।
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रेहड़ी-पटरी वालों को पंजीकरण के समय फीस जमा करने की अब आवश्यकता नहीं है। शासन ने इसे निशुल्क कर दिया है जिससे ठेला लगाकर खाद्य पदार्थ बिक्री करने वाले लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक हो सकें।
-डाॅ. टीआर रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा