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Maharajganj News: संपत्ति के बंटवारे के विवाद में स्वर्ण व्यवसायी की पांच दुकानें सील
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आनंदनगर कस्बे के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी और उनके चार पुत्रों के बीच चल रहा है विवाद
फरेंदा। आनंदनगर कस्बे के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी जोखन सर्राफ व उनके चार पुत्रों के बीच बहुत दिनों से संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद न्यायालय तक पहुंच गया। मामले की सुनवाई के तहत एसडीएम फरेंदा ने आवासीय कमरों को छोड़ शेष सभी दुकानों को सील करने का आदेश दे दिया। मंगलवार को पांच दुकानों को सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आनंदनगर कस्बे के स्वर्ण व्यवसायी जोखन प्रसाद सर्राफ व उनके चार बेटों में अरविंद वर्मा, अनुरंजन, रविंद्र व किशन वर्मा के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर करीब चार वर्षो से विवाद चल रहा है। विवाद को समाप्त कराने के लिए स्थानीय स्तर पर समझौता कराने का प्रयास हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच जोखन के छोटे बेटे रविंद्र ने उपजिलाधिकारी के न्यायालय में धारा 164 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मुकदमा दायर कर दिया।
तत्कालीन उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पांच फरवरी 26 को संज्ञान में लेते हुए दोनों पक्ष को अपना पक्ष रखने का नोटिस दिया। लेकिन दोनों पक्ष न्यायालय में अपना पक्ष नहीं प्रस्तुत करने नहीं पहुंचे। इसी बीच पुलिस ने 25 फरवरी 26 व 11 मार्च 26 को शांति भंग व विवाद की रिपोर्ट भेजी। इसे संज्ञान में ले कर उपजिलाधिकारी ने 18 मार्च 2026 को एक आवासीय मकान को छोड़ कर बाकी बचे पांच दुकानों की सीली का आदेश दे दिया।
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न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा, नायब तहसीलदार अंकित अग्रवाल, थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह सहित पुलिस व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसके बाद टीम ने पांचों दुकानों को सील किया।
वर्जन
एसडीएम के आदेश पर स्वर्ण व्यवसायी के आवासीय मकान को छोड़ कर पांच दुकानों को सील किया गया है। भविष्य में न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका अनुपालन कराया जायेगा।
- वशिष्ठ वर्मा, तहसीलदार, फरेंदा
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फरेंदा। आनंदनगर कस्बे के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी जोखन सर्राफ व उनके चार पुत्रों के बीच बहुत दिनों से संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद न्यायालय तक पहुंच गया। मामले की सुनवाई के तहत एसडीएम फरेंदा ने आवासीय कमरों को छोड़ शेष सभी दुकानों को सील करने का आदेश दे दिया। मंगलवार को पांच दुकानों को सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आनंदनगर कस्बे के स्वर्ण व्यवसायी जोखन प्रसाद सर्राफ व उनके चार बेटों में अरविंद वर्मा, अनुरंजन, रविंद्र व किशन वर्मा के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर करीब चार वर्षो से विवाद चल रहा है। विवाद को समाप्त कराने के लिए स्थानीय स्तर पर समझौता कराने का प्रयास हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। इसी बीच जोखन के छोटे बेटे रविंद्र ने उपजिलाधिकारी के न्यायालय में धारा 164 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मुकदमा दायर कर दिया।
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तत्कालीन उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पांच फरवरी 26 को संज्ञान में लेते हुए दोनों पक्ष को अपना पक्ष रखने का नोटिस दिया। लेकिन दोनों पक्ष न्यायालय में अपना पक्ष नहीं प्रस्तुत करने नहीं पहुंचे। इसी बीच पुलिस ने 25 फरवरी 26 व 11 मार्च 26 को शांति भंग व विवाद की रिपोर्ट भेजी। इसे संज्ञान में ले कर उपजिलाधिकारी ने 18 मार्च 2026 को एक आवासीय मकान को छोड़ कर बाकी बचे पांच दुकानों की सीली का आदेश दे दिया।
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न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा, नायब तहसीलदार अंकित अग्रवाल, थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह सहित पुलिस व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसके बाद टीम ने पांचों दुकानों को सील किया।
वर्जन
एसडीएम के आदेश पर स्वर्ण व्यवसायी के आवासीय मकान को छोड़ कर पांच दुकानों को सील किया गया है। भविष्य में न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका अनुपालन कराया जायेगा।
- वशिष्ठ वर्मा, तहसीलदार, फरेंदा