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Maharajganj News: एआई-1 से होगी वाहनों की फिटनेस जांच
Thu, 02 Jan 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 02 Jan 2025 12:50 AM IST
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महराजगंज। अब वाहनों की फिटनेस जांच एआई-1 साफ्टवेयर से होगी। साफ्टवेयर ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमता से लैस है। पांच मिनट में फिटनेस की डिटेल मिल जाएगी।
नये साफ्टवेयर का उपयोग कैसे करना है इसका प्रशिक्षण राज्य परिवहन कार्यालय की तरफ से इसी माह देने की तैयारी है। इसके बाद इसी से वाहनों की फिटनेस जांच जिले स्तर पर शुरू हो जाएगी।
संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि वाहनों की फिटनेस जांच के लिए अभी तक फार्म 20-38 भरना पड़ता था, जिसके बाद वाहनों की ऑफलाइन फिटनेस जांच होती थी, लेकिन नए साफ्टवेयर के जरिए प्रक्रिया आसान होने वाली है।
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इसके लिए एआईवन साफ्टवेयर विभाग ने विकसित कराया है जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमता से लैस है। इसे मोबाइल फोन, टैबलेट अथवा लैपटॉप में अपलोड किया जा सकता है।
जांच के लिए वाहनों को सिर्फ एक मिनट के लिए अपलोड साफ्टवेयर वाले गैजेट्स के कैमरे दायरे में लाना होगा, जिसके बाद यह पूरे वाहन की डिटेल त्वरित उपलब्ध करा देगा। पूरे वाहन का एक्सरे सीमित समय में हो जाएगा। फिटनेस के लिए क्या करना होगा इसकी जानकारी भी मिल सकेगी। नये साफ्टवेयर से लैस गैजेट्स संचालन का प्रशिक्षण लखनऊ में इसी माह हो सकता है। इसकी मदद से ऑन रोड जांच तेजी से किया जा सकेगा, जिसका लाभ विभाग को मिलेगा।
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नये साफ्टवेयर का उपयोग कैसे करना है इसका प्रशिक्षण राज्य परिवहन कार्यालय की तरफ से इसी माह देने की तैयारी है। इसके बाद इसी से वाहनों की फिटनेस जांच जिले स्तर पर शुरू हो जाएगी।
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संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि वाहनों की फिटनेस जांच के लिए अभी तक फार्म 20-38 भरना पड़ता था, जिसके बाद वाहनों की ऑफलाइन फिटनेस जांच होती थी, लेकिन नए साफ्टवेयर के जरिए प्रक्रिया आसान होने वाली है।
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इसके लिए एआईवन साफ्टवेयर विभाग ने विकसित कराया है जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमता से लैस है। इसे मोबाइल फोन, टैबलेट अथवा लैपटॉप में अपलोड किया जा सकता है।
जांच के लिए वाहनों को सिर्फ एक मिनट के लिए अपलोड साफ्टवेयर वाले गैजेट्स के कैमरे दायरे में लाना होगा, जिसके बाद यह पूरे वाहन की डिटेल त्वरित उपलब्ध करा देगा। पूरे वाहन का एक्सरे सीमित समय में हो जाएगा। फिटनेस के लिए क्या करना होगा इसकी जानकारी भी मिल सकेगी। नये साफ्टवेयर से लैस गैजेट्स संचालन का प्रशिक्षण लखनऊ में इसी माह हो सकता है। इसकी मदद से ऑन रोड जांच तेजी से किया जा सकेगा, जिसका लाभ विभाग को मिलेगा।