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Maharajganj News: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के पांच गुर्गों पर गैंगस्टर एक्ट में प्राथमिकी
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महराजगंज। नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले पांच सदस्यीय गिरोह के खिलाफ निचलौल पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि गिरोह फर्जी परीक्षा, प्रशिक्षण और कूटरचित नियुक्ति पत्र के जरिए बेरोजगार युवाओं को ठगता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना राजचंद्र उर्फ अजीत निवासी कोइली खाल, थाना बड़हलगंज गोरखपुर है। गिरोह में आमोद राठौर निवासी लखनऊ, कुलदीप प्रकाश व उनकी पत्नी आराधना कुमारी निवासी उन्नाव/लखनऊ और मुकेश चौधरी निवासी औराटार टोला पकड़ीअहवा, थाना निचलौल भी शामिल हैं। आरोप है कि गिरोह विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये वसूलता था।
इसके बाद फर्जी परीक्षा आयोजित कराकर, कूटरचित प्रशिक्षण दिलाने के साथ नकली नियुक्ति पत्र असली बताकर सौंप देता था। पीड़ितों द्वारा रुपये वापस मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।
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पुलिस के मुताबिक, पहले से दर्ज मुकदमों की विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। गिरोह की गतिविधियों से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल था। इसके आधार पर गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त किया गया, जिसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने बताया कि पांचों आरोपितों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना राजचंद्र उर्फ अजीत निवासी कोइली खाल, थाना बड़हलगंज गोरखपुर है। गिरोह में आमोद राठौर निवासी लखनऊ, कुलदीप प्रकाश व उनकी पत्नी आराधना कुमारी निवासी उन्नाव/लखनऊ और मुकेश चौधरी निवासी औराटार टोला पकड़ीअहवा, थाना निचलौल भी शामिल हैं। आरोप है कि गिरोह विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से रुपये वसूलता था।
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इसके बाद फर्जी परीक्षा आयोजित कराकर, कूटरचित प्रशिक्षण दिलाने के साथ नकली नियुक्ति पत्र असली बताकर सौंप देता था। पीड़ितों द्वारा रुपये वापस मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।
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पुलिस के मुताबिक, पहले से दर्ज मुकदमों की विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। गिरोह की गतिविधियों से आमजन में भय और आक्रोश का माहौल था। इसके आधार पर गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों से अनुमोदन प्राप्त किया गया, जिसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष अंकित सिंह ने बताया कि पांचों आरोपितों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।