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Maharajganj News: 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी में तीन पर प्राथमिकी दर्ज, अमीन निलंबित
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महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े 42 लाख रुपये के वित्तीय फर्जीवाड़े के आरोपी भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात भूमि अर्जन अमीन आकाश चन्द बादल को निलंबित कर दिया है।
जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि आकाश चन्द बादल ने अन्य दो व्यक्तियों के साथ गठजोड़ कर धोखाधड़ी की और शिकायतकर्ता से लाखों रुपये की ठगी की। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जारी किए गए पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद उमर खान निवासी मौजा पकड़ी नौनिया, तहसील सदर की ओर से 6 अक्तूबर को जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र दिया गया था। प्राथना पत्र पर एडीएम (न्यायिक) नवनीत गोयल की ओर से की गई जांच 10 नवंबर को पूरी हुई। जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात भूमि अर्जन अमीन आकाश चन्द बादल ने डॉ. एएच खुसरो, संचालक एमएम हॉस्पिटल पिपरा बाबू (रमपुरवा) व प्रेमचंद वर्मा निवासी साधोचक उर्फ मोहम्मदपुर कम्हरिया कला के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह कार्य किया।
जांच में यह पाया गया कि तीनों व्यक्तियों ने आपस में साठगांठ कर षड्यंत्रपूर्वक शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी करते हुए कुल 42,00,000 (बयालीस लाख रुपये) की आर्थिक क्षति पहुंचाई। रिपोर्ट में तीनों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आकाश चन्द बादल को निलंबित कर दिया है।
डीएम ने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपित ने सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली नियम के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित है। जिलाधिकारी की ओर जारी किए गए आदेश पत्र में कहा गया है कि निलंबित अवधि के दौरान आकाश चन्द बादल का मुख्यालय संयुक्त कार्यालय, कलक्ट्रेट रहेंगे। वह बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकेंगे।
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जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि आकाश चन्द बादल ने अन्य दो व्यक्तियों के साथ गठजोड़ कर धोखाधड़ी की और शिकायतकर्ता से लाखों रुपये की ठगी की। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।
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जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जारी किए गए पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद उमर खान निवासी मौजा पकड़ी नौनिया, तहसील सदर की ओर से 6 अक्तूबर को जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र दिया गया था। प्राथना पत्र पर एडीएम (न्यायिक) नवनीत गोयल की ओर से की गई जांच 10 नवंबर को पूरी हुई। जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात भूमि अर्जन अमीन आकाश चन्द बादल ने डॉ. एएच खुसरो, संचालक एमएम हॉस्पिटल पिपरा बाबू (रमपुरवा) व प्रेमचंद वर्मा निवासी साधोचक उर्फ मोहम्मदपुर कम्हरिया कला के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह कार्य किया।
जांच में यह पाया गया कि तीनों व्यक्तियों ने आपस में साठगांठ कर षड्यंत्रपूर्वक शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी करते हुए कुल 42,00,000 (बयालीस लाख रुपये) की आर्थिक क्षति पहुंचाई। रिपोर्ट में तीनों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आकाश चन्द बादल को निलंबित कर दिया है।
डीएम ने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपित ने सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया है। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली नियम के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित है। जिलाधिकारी की ओर जारी किए गए आदेश पत्र में कहा गया है कि निलंबित अवधि के दौरान आकाश चन्द बादल का मुख्यालय संयुक्त कार्यालय, कलक्ट्रेट रहेंगे। वह बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकेंगे।