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Maharajganj News: 13 सीडीपीओ व 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस
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अनुपूरक पुष्टाहार (टीएचआर) वितरण में लगातार सामने आ रही लापरवाही को लेकर की कार्रवाई
तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में पूर्ण सुधार के निर्देश दिए
महराजगंज। अनुपूरक पुष्टाहार (टीएचआर) वितरण में लगातार सामने आ रही लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने जिले के 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों और 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में पूर्ण सुधार के निर्देश दिए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में एफआरएस के माध्यम से शत-प्रतिशत टीएचआर वितरण सुनिश्चित नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश द्वारा 25 नवम्बर 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में जनपद में टीएचआर का वितरण केवल फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से किए जाने के आदेश हैं। मैनुअल या ऑफलाइन वितरण को पूरी तरह अवैध मानते हुए गंभीर अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।
विभागीय समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि 29 नवम्बर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने तथा 11 और 15 दिसम्बर 2025 को पुनः चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। पोषण ट्रैकर पर 21 दिसम्बर 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 1,38,663 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष मात्र 35,927 लाभार्थियों को ही एफआरएस के माध्यम से टीएचआर वितरित किया गया। यह आंकड़ा कुल पात्र लाभार्थियों का केवल 25.91 प्रतिशत है। इसे विभागीय मानकों के विपरीत और अत्यंत असंतोषजनक माना गया है।
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कई परियोजनाओं में एफआरएस से वितरण का प्रतिशत महज पांच से 20 के बीच ही दर्ज किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 22 दिसम्बर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी 13 सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं सहित कुल 47 कर्मियों का वेतन उसी दिन से बाधित कर दिया था। इसके बावजूद भी वितरण व्यवस्था में अपेक्षित तेजी और सुधार नहीं आने पर अब विभाग ने और कठोर रुख अपनाया है। सभी सीडीपीओ और 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
वर्जन
सभी सीडीपीओ और समस्त मुख्य सेविकाओं अंतिम नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत सुधार नहीं हुआ तो संबंधित सीडीपीओ, सुपरवाइजर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में पूर्ण सुधार के निर्देश दिए
महराजगंज। अनुपूरक पुष्टाहार (टीएचआर) वितरण में लगातार सामने आ रही लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने जिले के 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों और 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर व्यवस्था में पूर्ण सुधार के निर्देश दिए हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में एफआरएस के माध्यम से शत-प्रतिशत टीएचआर वितरण सुनिश्चित नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश द्वारा 25 नवम्बर 2025 को जारी निर्देशों के अनुपालन में जनपद में टीएचआर का वितरण केवल फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से किए जाने के आदेश हैं। मैनुअल या ऑफलाइन वितरण को पूरी तरह अवैध मानते हुए गंभीर अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।
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विभागीय समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि 29 नवम्बर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने तथा 11 और 15 दिसम्बर 2025 को पुनः चेतावनी दिए जाने के बावजूद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। पोषण ट्रैकर पर 21 दिसम्बर 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 1,38,663 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष मात्र 35,927 लाभार्थियों को ही एफआरएस के माध्यम से टीएचआर वितरित किया गया। यह आंकड़ा कुल पात्र लाभार्थियों का केवल 25.91 प्रतिशत है। इसे विभागीय मानकों के विपरीत और अत्यंत असंतोषजनक माना गया है।
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कई परियोजनाओं में एफआरएस से वितरण का प्रतिशत महज पांच से 20 के बीच ही दर्ज किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 22 दिसम्बर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी 13 सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं सहित कुल 47 कर्मियों का वेतन उसी दिन से बाधित कर दिया था। इसके बावजूद भी वितरण व्यवस्था में अपेक्षित तेजी और सुधार नहीं आने पर अब विभाग ने और कठोर रुख अपनाया है। सभी सीडीपीओ और 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
वर्जन
सभी सीडीपीओ और समस्त मुख्य सेविकाओं अंतिम नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत सुधार नहीं हुआ तो संबंधित सीडीपीओ, सुपरवाइजर और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी