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Maharajganj News: लहसुन-प्याज की खेती से मालामाल होंगे किसान

Fri, 16 Jan 2026 01:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:36 AM IST
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Farmers will become rich by cultivating garlic and onion
एकीकृत बागवानी मिशन के तहत जिले में किसान कर रहे हैं 94 हेक्टेयर में लहसुन और 104 हेक्टेयर में प्याज की खेती
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महाराजगंज। धान-गेहूं की पारंपरिक खेती से इतर लहसुन-प्याज की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा हो सकती है। जिला उद्यान विभाग मसालों के अंतर्गत लहसुन-प्याज की खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाने में जुटा है। एकीकृत बागवानी मिशन के तहत उद्यान विभाग से जुड़कर लहसुन प्याज की खेती करने वाले किसानों का खेती की लागत का 40 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा।
जिले में आम तौर पर किसान गेहूं-धान की पारंपरिक खेती ही करते हैं। इससे उन्हें कोई खास लाभ नहीं होता है जिससे उनकी आय भी नहीं बढ़ पाती है। ऐसे में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत मसाले की खेती उनके लिए लाभकारी साबित हो सकती है। उद्यान विभाग ने एकीकृत बागवानी मिशन के तहत लहसुन और प्याज की खेती के लिए करीब 500 किसानों को अपने साथ जोड़ा है। ये किसान जिले की 200 हेक्टेयर भूमि पर इसकी खेती कर रहे हैं। लहसुन की खेती करीब 94 हेक्टेयर जमीन पर की जा रही है। इसकी खेती से करीब 200 किसान जुड़े हैं। इसी तरह प्याज की खेती करीब 104 हेक्टेयर में की जाएगी, जिसमें करीब 300 किसान जुड़े हैं।
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उद्यान निरीक्षक कमलेश गौड़ ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में योजना से जुड़े किसानों को लहसुन और प्याज के बीज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। किसान लहसुन के बीज की बुवाई कर चुके हैं और प्याज का बेहन लगा रहे हैं जो कुछ दिनों में तैयार हो जाएगा और फिर उसे भी खेतों में लगा दिया जाएगा।
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निचलौल ब्लॉक के ग्राम कर्दा निवासी उमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस साल लहसुन की खेती शुरू की यदि उन्हें लाभ हुआ तो अगले साल से वे और अधिक रकबे में लहसुन की खेती करेंगे। मिठौरा क्षेत्र के ग्राम मधुबनी निवासी मारकंडेय चौधरी ने कहा कि इस बार उन्होंने अपने खेती के कुछ हिस्से में प्याज और लहसुन लगाया है। आगे इसको बढ़ाने का इरादा है।

वर्जन
इस योजना से जुड़े कई किसान अपनी आय बढ़ा चुके हैं। योजना का एक बार लाभ लेने के तीन साल बाद ही फिर किसान को योजना का लाभ ले सकते हैं। किसान योजना में यदि दूसरे फसल का चयन करता है तो उसे योजना का लाभ अगले साल भी मिल सकता है।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान निरीक्षक
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