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Maharajganj News: मखाना उत्पादन से समृद्धि की राह पर आगे बढ़ेंगे तराई के किसान

Mon, 27 Jul 2026 01:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:38 AM IST
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Farmers of the Terai region will advance on the path to prosperity through Makhana cultivation.
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड स्थापना के बाद सूबे में एक उत्पादन के प्रस्ताव को शासन से मिली मंजूरी
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जनपद में वेटलैंड भूमि की अधिकता व 1700 से अधिक राजस्व ताल पोखरों के कारण बेहतर उत्पादन की संभावना
महराजगंज। जनपद में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की तरफ से भेजे गए दो प्रस्तावों में से एकल उत्पादन को मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत 33673 किसानों के लाभांवित होने की उम्मीद जगी है। योजना के तहत किसानों को एक हेक्टेयर पर 1.43 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
पिछले वर्ष बिहार के पूर्णिया में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन के बाद जनपद में भी मखाना उत्पादन की दिशा में बेहतर काम की उम्मीद जगी थी। जनपद में वेटलैंड भूमि की अधिकता व 1700 से अधिक राजस्व ताल पोखरों के कारण मखाना उत्पादन के फलने-फूलने की संभावना अधिक है। शासन द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद है कि धान और गेहूं के साथ मखाना उत्पादन स्थानीय किसानों के लिए कारगर साबित होगा।
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जनपद में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान अधिकारी की तरफ से शासन को दो प्रस्ताव भेजे गए थे। पहला प्रस्ताव जो एकल उत्पादन पर आधारित और दूसरा प्रस्ताव सामूहिक मखाना उत्पादन के लिए था। इसके तहत एक से अधिक किसान संयुक्त रूप से उत्पादन कर सकते हैं। हालांकि अभी केवल एक प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
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पात्र 33673 लघु एवं सीमांत किसान

जिला उद्यान विभाग के मुताबिक दोनों योजनाओं के पात्र जनपद के लघु एवं सीमांत किसान हैं। कृषि विभाग के मुताबिक लघु एवं सीमांत किसान वह हैं जिनके पास एक हेक्टेयर से कम जोत भूमि है। जनपद में चार लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 33673 किसान लघु एवं सीमांत किसानों की श्रेणी में आते है। ऐसे किसान जिनके पास एक हेक्टेयर से कम कृषि भूमि हो और वह निजी अथवा पट्टे की भूमि पर ताल पोखरी धारक हों। ऐसे किसान आवेदन कर सकते हैं। प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर किसानों का चयन किया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर तय है अनुदान

उद्यान विभाग की योजना के अनुसार मखाना खेती के लिए एक हेक्टेयर पर 71,800 रुपये के अनुदान की व्यवस्था है। एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर में मखाना उत्पादन के लिए 1.43 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी संजय कुमार रस्तोगी के मुताबिक बाजार में मखाना की अच्छी मांग है। किसानों को अच्छा लाभ दिलाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विभाग किसानों को मखाना की उन्नत किस्में, बुआई विधि, देखरेख व अन्य तकनीकी जानकारी देगा। मखाना की खेती मुख्य रूप से पानी में की जाती है, ठीक उसी तरह जैसे सिंघाड़े की फसल उगाई जाती है। जिन इलाकों में जलभराव रहता है या जहां पारंपरिक फसलें सफल नहीं हो पातीं, वहां मखाना किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगा।

वर्जन

प्रदेश सरकार परंपरागत खेती के साथ-साथ वैकल्पिक और लाभकारी फसलों को बढ़ावा दे रही है। मौजूदा सत्र में मखाना उत्पादन करने के इच्छुक किसानों को एक हेटक्टेयर पर 1.43 लाख रुपये सब्सिडी दी जाएगी। इच्छुक किसान विभाग से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। मखाना उत्पादन से तराई के किसानों के समृद्धि की संभावना बढ़ेगी।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी, महराजगंज।
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