फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Facility: 50 bed trauma center will be built in Farenda

सुविधा : फरेंदा में बनेगा 50 बेड का ट्रॉमा सेंटर

Thu, 21 Aug 2025 02:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:06 AM IST
विज्ञापन
Facility: 50 bed trauma center will be built in Farenda
महराजगंज। फरेंदा और नौतनवा क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा में जल्द ही 50 बेड का आधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीपीआर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। इस परियोजना पर अनुमानित लागत लगभग आठ करोड़ रुपये होगी।
विज्ञापन

इस ट्रॉमा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है, विशेषकर सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के लिए त्वरित और आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध होगी। वर्तमान में जिला अस्पताल में ही एकमात्र ट्रॉमा सेंटर संचालित हो रहा है, जो क्षेत्र की बढ़ती आबादी और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। फरेंदा में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा था लेकिन यह प्रस्ताव अब तक लंबित था। अब इस दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में बेहतर इलाज की उम्मीद जगी है। फरेंदा और नौतनवा क्षेत्र में सड़क दुर्घटना एक बड़ी समस्या है, खासकर फरेंदा-सोनौली मार्ग पर। इस मार्ग पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाता है, जो काफी दूर है। इस दौरान कई बार घायलों को समय पर इलाज न मिलने के
विज्ञापन

कारण उनकी जान चली जाती है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर के बनने से घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी। ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं, जैसे ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

आनंदनगर के निवासी बंशी कुमार ने बताया कि फरेंदा-सोनौली मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों को जिला अस्पताल तक ले जाने में काफी समय लगता है। कई बार इस देरी के कारण मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed