{"_id":"65ad19c586d1be02f202f1c4","slug":"excavation-going-on-in-banarsiha-art-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-14342-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बनरसिहा कला में चल रहा उत्खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बनरसिहा कला में चल रहा उत्खनन
Sun, 21 Jan 2024 06:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 21 Jan 2024 06:49 PM IST
विज्ञापन
लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर विकास खंड क्षेत्र बनरसिहा कला में उत्खनन चल रहा है। बौद्ध टीले से कुषाण कालीन मृदभांड पुरावशेषों का मिलना जारी है। रविवार को भी पुरातत्व विभाग की ओर से आठ और स्थानों पर उत्खनन चल रहा है। अभी मिट्टी के बर्तन और पुराने ईंट ही निकल रहे हैं। एक साथ आठ ब्लाॅकों में खुदाई के कारण समय लग रहा है। कुछ दिन बाद ही कोई साक्ष्य व पुरावशेष मिल सकते हैं।
पिछले सप्ताह आठ और स्थान को चिह्नित किया गया था जिसमें उत्खनन चल रहा है। पुराने ब्लाॅकों में से पुरानी मिट्टी निकालने का भी कार्य तेजी से चल रहा है। पिछले वर्ष 16 बाक्स बनाए गए थे। प्राचीन बौद्ध टीले की पिछले साल भी खोदाई की गई थी, जिसकी खोदाई धनाभाव के कारण 31 मार्च 2023 को काम बंद करना पड़ा था। पिछले वर्ष की खोदाई में भी कुषाण कल तक ही मिट्टी के पात्र व खिलौने, पुरावशेष, मृदभांड आदि मिले थे।
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी रामविनय ने बताया कि उत्खनन जारी है। उत्खनन से पता चल रहा कि यह स्थल बौद्ध से जुड़ा है। उत्खनन पूर्ण होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। खुदाई के हर गतिविधियों पर नजर है। अभी तक कुषाण काल तक के अवशेष मिले हैं। आगे के उत्खनन में कुछ नया मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले सप्ताह आठ और स्थान को चिह्नित किया गया था जिसमें उत्खनन चल रहा है। पुराने ब्लाॅकों में से पुरानी मिट्टी निकालने का भी कार्य तेजी से चल रहा है। पिछले वर्ष 16 बाक्स बनाए गए थे। प्राचीन बौद्ध टीले की पिछले साल भी खोदाई की गई थी, जिसकी खोदाई धनाभाव के कारण 31 मार्च 2023 को काम बंद करना पड़ा था। पिछले वर्ष की खोदाई में भी कुषाण कल तक ही मिट्टी के पात्र व खिलौने, पुरावशेष, मृदभांड आदि मिले थे।
विज्ञापन
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी रामविनय ने बताया कि उत्खनन जारी है। उत्खनन से पता चल रहा कि यह स्थल बौद्ध से जुड़ा है। उत्खनन पूर्ण होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। खुदाई के हर गतिविधियों पर नजर है। अभी तक कुषाण काल तक के अवशेष मिले हैं। आगे के उत्खनन में कुछ नया मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

ददाहू अस्पताल में रक्तदान करने के लिए पंजीकरण करवाते लोग। संवाद
विज्ञापन