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Maharajganj News: यमराज बनकर सड़क पर दौड़ रही ई-रिक्शा
Wed, 14 Feb 2024 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 14 Feb 2024 02:27 AM IST
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ई रिक्शा के ऊपर सामान लाद कर ले जाता ई रिक्शा चालक।
महराजगंज। शहर में ई-रिक्शा यमराज बनकर दौड़ रहे हैं। चालक तीन के स्थान पर पांच से सात सवारियां भर रहे हैं। ऊपर से क्षमता से अधिक सामान भी ढो रहे हैं। इससे हादसे का डर बना रहता है। फिर भी परिवहन विभाग और यातायात पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
लोगों के मुताबिक शहर में इन दिनों ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पहले तो ये निर्धारित दूरी से अधिक दूरी तय करते हैं, दूसरे सामान भी ढोते हैं। सामान लादने वाले ई रिक्शा का संतुलन खराब होता है, तो छोटे से गड्ढों में पलट जाते हैं।
पड़ताल में मंगलवार को भी ओवरलोडिंग का नजारा शहर के सक्सेना चौराहा, नगर पालिका गेट, मुख्यालय गेट, हनुमानगढ़ी, मऊपाकड़ सहित अन्य मार्गों और गलियों में देखने को मिला। अधिकांश ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सामान और सवारी बैठाए गए थे। ई-रिक्शा से सफर करने वाले लोगों के सुरक्षित सफर की चिंता न तो चालकों को है और न ही जिम्मेदारों को। ई-रिक्शा में आगे से लेकर पिछली सीट तक सवारियां बैठी दिखीं। यातायात प्रभारी अरूणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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टूटी सड़कों पर ज्यादा जोखिम
शहर में ई-रिक्शा सवारियों और सामानों को लेकर जब टूटी सड़कों से होकर गुजरती हैं, तो उनके पलटने का डर बना रहता है। करीब एक माह पूर्व निचलौल शहर में थाने रोड के किनारे एक ई-रिक्शा पलट गई थी, जिसमें कई लोगों को चोट आई थीं। गनीमत रहा कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। यह ई-रिक्शा ओवरलोड था। शहरों में मुख्य सड़कों को छोड़ दिया जाए, तो कस्बे की सड़कें बदहाल हैं। ऐसे में खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
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लोगों के मुताबिक शहर में इन दिनों ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पहले तो ये निर्धारित दूरी से अधिक दूरी तय करते हैं, दूसरे सामान भी ढोते हैं। सामान लादने वाले ई रिक्शा का संतुलन खराब होता है, तो छोटे से गड्ढों में पलट जाते हैं।
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पड़ताल में मंगलवार को भी ओवरलोडिंग का नजारा शहर के सक्सेना चौराहा, नगर पालिका गेट, मुख्यालय गेट, हनुमानगढ़ी, मऊपाकड़ सहित अन्य मार्गों और गलियों में देखने को मिला। अधिकांश ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सामान और सवारी बैठाए गए थे। ई-रिक्शा से सफर करने वाले लोगों के सुरक्षित सफर की चिंता न तो चालकों को है और न ही जिम्मेदारों को। ई-रिक्शा में आगे से लेकर पिछली सीट तक सवारियां बैठी दिखीं। यातायात प्रभारी अरूणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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टूटी सड़कों पर ज्यादा जोखिम
शहर में ई-रिक्शा सवारियों और सामानों को लेकर जब टूटी सड़कों से होकर गुजरती हैं, तो उनके पलटने का डर बना रहता है। करीब एक माह पूर्व निचलौल शहर में थाने रोड के किनारे एक ई-रिक्शा पलट गई थी, जिसमें कई लोगों को चोट आई थीं। गनीमत रहा कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। यह ई-रिक्शा ओवरलोड था। शहरों में मुख्य सड़कों को छोड़ दिया जाए, तो कस्बे की सड़कें बदहाल हैं। ऐसे में खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।