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Maharajganj News: डुप्लीकेट कीटनाशकों की भरमार, ठगे जा रहे किसान

Mon, 29 Dec 2025 01:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 01:38 AM IST
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Duplicate pesticides are plentiful, farmers are being duped
खेत में छिड़काव के बाद भी नष्ट नहीं हो रहे खरपतवार, मोटी रकम लेकर धंधेबाज मालामाल
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ओवर रेटिंग यूरिया के साथ नकली जिंक, सल्फर और खर-पतवार नाशक दवाएं बेचकर मोटी कमाई कर रहे कृषि दुकानदार
बाजार में डुप्लीकेट कीटनाशकों की भरमार
महराजगंज। जिले में नकली खर-पतवार नाशक दवाओं, जिंक-सल्फर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों और ओवर रेटिंग यूरिया की बिक्री के जरिये किसान ठगे जा रहे हैं। बाजार में डुप्लीकेट कीटनाशक की भरमार है। खेतों में कीटनाशकों के छिड़काव के बावजूद न तो खर-पतवार खत्म हो रहे हैं और न ही फसल में हरियाली लौट रही है। महंगे दाम पर कीटनाशक बेचकर धंधेबाज मालामाल हो रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो नेपाल सीमा से सटे नौतनवा तहसील क्षेत्र के सोनौली, बगदवा, परसामलिक, भगवानपुर, अड्डा बाजार, लक्ष्मीपुर, रामनगर (अड्डा) सहित कई स्थानों पर स्थित कृषि दुकानों पर नकली खर-पतवार नाशक दवाएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। निचलौल तहसील के रामनगर, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर खुर्द, चटिया, शीतलापुर खेसरहा, धमुउर मटरा, बहूआर खुर्द, बहूआर कला, सिसवा बाजार, झुलनीपुर आदि इलाकों में कृषि दुकानदार ओवर रेटिंग यूरिया के साथ-साथ नकली जिंक, सल्फर और खर-पतवार नाशक दवाएं बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। फरेंदा तहसील क्षेत्र के धानी बाजार, बृजमनगंज, फूलमनहा, बहादुरी बाजार, लेदवा चौराहा आदि स्थानों पर भी यही हाल है। यहां दुकानदार ओवर रेटिंग यूरिया के साथ नकली जिंक और खर-पतवार नाशक दवाओं की बिक्री कर रहे हैं।
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वहीं सदर तहसील क्षेत्र के पनियरा, मुजुरी, परतावल, श्यामदेउवा, जखिरा, घुघुली, शिकारपुर, भिटौली आदि बाजारों में भी नकली दवाओं का जाल फैला हुआ है। किसानों का कहना है कि इन दवाओं के छिड़काव के बाद भी खेतों में उगी बनरी, सेम, खर-पतवार जस की तस खड़ी है। इससे उत्पादन घटने का खतरा बढ़ गया है। धर्मराज ने बताया कि गेहूं की फसल में बनरी उग आई थी। जड़ से खत्म करने के लिए बगदवा बाजार की एक कृषि दुकान से खर-पतवार नाशक दवा खरीदी और छिड़काव किया। 15 दिन से ज्यादा समय बीत गया लेकिन खेत में कोई असर नहीं दिखा।
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किसान दयाराम ने बताया कि बगदवा बाजार से चार-चार पैकेट जिंक और सल्फर खरीदकर गेहूं की फसल में यूरिया के साथ डाला था। दस दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद फसल में कोई सुधार नहीं हुआ। निचलौल क्षेत्र के किसान नंदकिशोर ने बताया कि सिंचाई के बाद निचलौल कस्बे की एक कृषि की दुकान से दो-दो पैकेट जिंक और सल्फर लिया। दुकानदार ने इसे अच्छी कंपनी का उत्पाद बताया लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी गेहूं की फसल में पीलापन बना हुआ है।
जेब हो रही ढीली, फसल भी हो रही खराब
किसान नरेंद्र ने बताया कि बहुआर बाजार की एक दुकान से खर-पतवार नाशक दवा खरीदकर गेहूं के खेत में उगी बनरी खत्म करने के लिए 10 दिन पहले छिड़काव किया था। लेकिन अभी तक जड़ें खत्म नहीं हुईं। किसान मांगू ने बताया कि सिंचाई के बाद मुजुरी बाजार कस्बे में दुकान से एक बोरी यूरिया 500 रुपये में खरीदा। साथ में जिंक और सल्फर अलग से 250 रुपये में दिया। 12 दिन बीतने के बाद भी गेहूं की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। पनियरा क्षेत्र के किसान महेश ने बताया कि पनियरा बाजार में स्थित एक कृषि की दुकान से 15 दिन पहले खर-पतवार नाशक दवा लेकर गेहूं के खेत में छिड़काव किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बृजमनगंज क्षेत्र के किसान सुरेश ने बताया कि जिंक और सल्फर खरीदने पर दुकानदार ने 300 रुपये वसूले लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी गेहूं हरा-भरा नहीं हुआ। बहादुरी बाजार के किसान महेंद्र ने बताया कि 17 दिन पहले खर-पतवार नाशक दवा का छिड़काव किया लेकिन खेत में बनरी जस की तस बनी हुई है।
ब्रांड के नाम पर खेल, कमा रहे मोटा मुनाफा
महराजगंज शहर के एक कृषि दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बाजार में ब्रांड कंपनियों के नाम पर बड़े पैमाने पर खेल चल रहा है। एक कंपनी का जिंक 120 रुपये में, दूसरी कंपनी का जिंक 45 रुपये में, बनरी नाशक दवा 210 से 250 रुपये है। ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर कम डोज वाली सस्ती नकली दवाएं महंगे दामों पर बेच दी जाती हैं। पैकिंग और लेबलिंग ऐसी होती है कि किसान आसानी से धोखा खा जाता है।उधर, किसान बेचन ,सुरेन्द्र, वीरेंद्र लालधर,जयराम, रामविलास,रामललित का आरोप है कि यूरिया की बोरी तय मूल्य से कहीं अधिक दाम पर बेची जा रही है। 266.50 रुपये की बोरी 450 से 500 रुपये तक में बेची जा रही है।
कोट....
एक कृषि दुकान से खर-पतवार नाशक दवा खरीदी थी। दुकानदार ने इसे ब्रांडेड कंपनी की दवा बताते हुए दावा किया था कि इससे गेहूं की फसल में उगी घास जड़ से खत्म हो जाएगी। लेकिन खेत में दवा का छिड़काव किए 14 दिन बीतने के बावजूद भी स्थिति जस की तस है।

-राजेन्द्र चौहान, गजरही
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निचलौल क्षेत्र के सिरौली स्थित एक कृषि दुकान से यूरिया खाद लिया था, एक बोरी यूरिया के 500 रुपये वसूले गए। जिंक और सल्फर के नाम पर अलग से 230 रुपये लिए गए। यूरिया के साथ जिंक और सल्फर डाले करीब 10 दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद फसल की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
-रामराज सहानी, बेलवा
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अभी ऐसी शिकायत नहीं मिली है। अगर कहीं ऐसी बात है तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समय-समय पर जांच की जाती है।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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