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Maharajganj News: रुपये के लालच में पूत बना कपूत
Mon, 06 Jan 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 06 Jan 2025 12:57 AM IST
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महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के रामपुर बलडीहा गांव में 45 लाख रुपये के लिए एक पूत कपूत बन गया। आरोपी की करतूत जानकर गांव वाले भी सन्न रह गए हैं। लोग बोले ऐसे बेटे से तो निसंतान ही ठीक है। मां-बाप से बड़ा रुपया थोड़े होता है।
जानकारी के अनुसार, सुदर्शन के चार बेटे हैं। बड़ा बेटा राधे और राजेश दोनों कुशीनगर जिले के बरवा दूबे गांव में रहते हैं। यहां सुदर्शन को निवासा मिला है। इस वजह से यहां की खेतीबाड़ी यही दोनों संभालते हैं। तीसरा बेटा बालमुकुंद मुंबई में पेंट पॉलिश का काम करता है। छोटा बेटा दिनेश घर पर सुदर्शन के साथ रहता है। गांव के लोगों के अनुसार, रेलवे में जमीन चली गई है। इसी का मुआवजा 85 लाख रुपये मिला था तो चारों बेटों में बराबर-बराबर हिस्सा बांटा कर सुदर्शन ने 45 लाख बची रकम का खेत खरीद लिया था। यह जानकर राधे परेशान हो गया।
लोगों की बातों पर यकीन करें तो राधे बची हुई पूरी रकम हजम करना चाहता था। करीब 10 दिन पहले उसने पिता से झगड़ा किया था। उसी समय जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन पिता-पुत्र के झगड़े को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार देर रात वह कुशीनगर से चला तो रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर डब्बे में एक लीटर पेट्रोल लिया था। उसे लेकर घर पहुंचा। ठंड होने के कारण गांव के ज्यादातर लोग सो गए थे। वह घर में आया तो सीधे पिता के पास ही पहुंचा। पहले उसने हिस्से को लेकर कहना शुरू किया। उसके मुताबिक जमीन खरीदने से कोई फायदा नहीं था।
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वह रकम लेकर कुछ काम करना चाहता था। वहीं पिता ने जमीन जाने के एवज में दूसरी जगह जमीन खरीद ली। पेट्रोल छिड़कर आग लगाया तो उसकी मां चिल्लाने लगी। उसको घायल करने के बाद वहीं बैठा रहा। उसने जान से मारने की पूरी कोशिश की, लेकिन गांव के लोगों की सक्रियता से दोनों की जान बच गई। लोगों ने सबसे पहले उसे पकड़कर किनारे किया। इसके बाद दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा। समय से पहुंचने के कारण सुदर्शन व उनकी पत्नी प्रभावती देवी की जान बच गई। दाेनों बेटे की करतूत से आहत हैं। थानाध्यक्ष कुमार गौरव सिंह के अनुसार, घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। तहरीर के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, सुदर्शन के चार बेटे हैं। बड़ा बेटा राधे और राजेश दोनों कुशीनगर जिले के बरवा दूबे गांव में रहते हैं। यहां सुदर्शन को निवासा मिला है। इस वजह से यहां की खेतीबाड़ी यही दोनों संभालते हैं। तीसरा बेटा बालमुकुंद मुंबई में पेंट पॉलिश का काम करता है। छोटा बेटा दिनेश घर पर सुदर्शन के साथ रहता है। गांव के लोगों के अनुसार, रेलवे में जमीन चली गई है। इसी का मुआवजा 85 लाख रुपये मिला था तो चारों बेटों में बराबर-बराबर हिस्सा बांटा कर सुदर्शन ने 45 लाख बची रकम का खेत खरीद लिया था। यह जानकर राधे परेशान हो गया।
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लोगों की बातों पर यकीन करें तो राधे बची हुई पूरी रकम हजम करना चाहता था। करीब 10 दिन पहले उसने पिता से झगड़ा किया था। उसी समय जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन पिता-पुत्र के झगड़े को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। शनिवार देर रात वह कुशीनगर से चला तो रास्ते में एक पेट्रोल पंप पर डब्बे में एक लीटर पेट्रोल लिया था। उसे लेकर घर पहुंचा। ठंड होने के कारण गांव के ज्यादातर लोग सो गए थे। वह घर में आया तो सीधे पिता के पास ही पहुंचा। पहले उसने हिस्से को लेकर कहना शुरू किया। उसके मुताबिक जमीन खरीदने से कोई फायदा नहीं था।
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वह रकम लेकर कुछ काम करना चाहता था। वहीं पिता ने जमीन जाने के एवज में दूसरी जगह जमीन खरीद ली। पेट्रोल छिड़कर आग लगाया तो उसकी मां चिल्लाने लगी। उसको घायल करने के बाद वहीं बैठा रहा। उसने जान से मारने की पूरी कोशिश की, लेकिन गांव के लोगों की सक्रियता से दोनों की जान बच गई। लोगों ने सबसे पहले उसे पकड़कर किनारे किया। इसके बाद दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा। समय से पहुंचने के कारण सुदर्शन व उनकी पत्नी प्रभावती देवी की जान बच गई। दाेनों बेटे की करतूत से आहत हैं। थानाध्यक्ष कुमार गौरव सिंह के अनुसार, घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। तहरीर के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।