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Maharajganj News: ड्रोन सर्वे शुरू...अब रेलवे ट्रैक को मिलेगी दिशा

Sat, 06 Sep 2025 02:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Sep 2025 02:16 AM IST
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Drone survey begins...now the railway track will get direction
महुअवा महराजगंज में रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ।
महराजगंज। घुघुली से महराजगंज वाया आनंदनगर जंक्शन तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना के पहले चरण के निर्माण के लिए शुक्रवार को महुअवा में भूमि पूजन हुआ। इस परियोजना के तहत पहले चरण में घुघली से महुअवा तक 24.8 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। भूमि पूजन समारोह के साथ ही रेल लाइन के रूट सर्वे के लिए ड्रोन आधारित सर्वे कार्य शुरू हो गया है, जो एक सप्ताह तक चलेगा। सर्वे पूरा होने के बाद रेल ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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जानकारी के अनुसार, जिले में प्रस्तावित रेल लाइन की कुल लंबाई 52.70 किलोमीटर है, जो घुघुली से शुरू होकर महराजगंज होते हुए आनंदनगर जंक्शन तक जाएगी। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में घुघली से महुअवा तक 24.8 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में महुअवा से आनंदनगर तक शेष हिस्सा पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के तहत महुअवा में एक बड़ा रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। जहां पर पांच लाइन बिछेगी और यात्रियों को बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था रहेगी और साथ ही साथ मालगाड़ी के लिए गोदाम बनेगा।
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विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि रेलवे मंत्रालय ने इस परियोजना को वर्ष 2019 में मंजूरी दी थी और इसके लिए 958.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस राशि से न केवल रेल लाइन का निर्माण होगा, बल्कि स्टेशन, पुल, रोड ओवर ब्रिज, और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास भी किया जाएगा। यह रेल लाइन महराजगंज जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ेगी और उत्तर भारत से पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने का एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी। इससे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यातायात का दबाव कम होगा और गोंडा से पनियहवा तक की दूरी 42 किलोमीटर कम हो जाएगी। रेल लाइन निर्माण के लिए 52 गांवों में 194 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जानी है। पहले चरण के लिए 95 फीसदी भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे ने भूमि अधिग्रहण के लिए 646 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसमें 4,08,46,85,204 रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। रेल लाइन के मार्ग में पड़ने वाले 900 पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से अनुमति ली गई है, अब तक 300 पेड़ों की कटाई पूरी हो चुकी है। रेलवे ने किसानों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे वन विभाग और रेलवे की सहायता से अपने पेड़ों को कटवाने में सहयोग करें। इससे निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सकेगा।
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भूमि पूजन में कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित गुप्ता और पिंटू देवदास के साथ रेलवे विभाग के सेक्शन इंजीनियर अजय कुमार और राजीव रंजन आदि मौजूद रहे।

सर्वे के लिए लिडार तकनीक का इस्तेमाल : रेलवे विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि रेल लाइन के रूट सर्वे के लिए आधुनिक लिडार तकनीक और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक सटीक माप और डेटा संग्रह में मदद करती है, जिससे रेल ट्रैक की डिजाइनिंग और निर्माण प्रक्रिया में तेजी आएगी।
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