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समय के पाबंद नहीं डॉक्टर, मरीज परेशान
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:44 AM IST
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समय के पाबंद नहीं डॉक्टर, मरीज परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिला अस्पताल में शायद की कोई चिकित्सक समय से पहुंचता होगा। मरीजों को हर रोज दो से तीन घंटे तक चिकित्सक के आने का इंतजार करना पड़ता है। कई चिकित्सक साढ़े आठ बजे के बाद ही अस्पताल पहुंचते हैं। मरीजों को इलाज के लिए चिकित्सकों का कभी - कभी तो घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस बीच चिकित्सकों को इंतजार में कई मरीजों की हालत बिगड़ जाती है और इलाज चिकित्सकों के आने के बाद ही शुरू हो पाता है।
सरकारी अस्पताल खुलने का समय सुबह आठ बजे है। यहां जिला चिकित्सालय में सुबह 8 बजे गेट पर बलुआ गांव के रामनरेश मिले। वह ग्लास लेकर चाय की दुकान पर जा रहे थे। उनका कोई रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है। उसी को देखने आए थे। उन्होंने बताया कि रात में एक बार डॉक्टर मरीज को देखकर गए। सुबह देखने के लिए कहे थे। आठ बज गए और अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया। उधर, सोमवार को सुबह 8.05 बजे ही पर्ची काउंटर पर लंबी लाइन लग गई थी। बड़हरा गांव से आए मनोहर ने बताया कि जल्दी पर्ची मिल जाएगी तो डॉक्टर को दिखाने के बाद जल्द घर चले जाएंगे। कतार में खडे़ अन्य लोगों ने भी यही कहा। यहां दोनों काउंटरों पर कर्मचारी मौजूद रहे। लोगों को पर्ची दे रहे थे। उधर, सुबह 8.10 बजे प्लास्टर कक्ष के पास मिले। उनका कहना था कि डॉक्टर ने उन्हें सुबह का समय दिया था। धूप तेज होने के कारण जल्द चले आए लेकिन अभी डॉक्टर ही नहीं आए हैं। उधर, सुबह 8.20 बजे के करीब डॉक्टरों के कुछ कक्ष बंद मिले और कुछ खुले तो थे लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। खेम पिपरा से आए संजय ने बताया कि चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाना है, लेकिन डॉक्टर अभी आए नहीं है। इस बीच करीब नौ बजे से डॉक्टरों के आने क्रम शुरू हुआ। डीएम अमरनाथ उपाध्याय का कहना है कि सभी डॉक्टरों को समय से अस्पताल पहुंचने के निर्देश हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से अस्पताल नहीं पहुंचता है तो शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी अस्पताल खुलने का समय सुबह आठ बजे है। यहां जिला चिकित्सालय में सुबह 8 बजे गेट पर बलुआ गांव के रामनरेश मिले। वह ग्लास लेकर चाय की दुकान पर जा रहे थे। उनका कोई रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है। उसी को देखने आए थे। उन्होंने बताया कि रात में एक बार डॉक्टर मरीज को देखकर गए। सुबह देखने के लिए कहे थे। आठ बज गए और अब तक कोई डॉक्टर नहीं आया। उधर, सोमवार को सुबह 8.05 बजे ही पर्ची काउंटर पर लंबी लाइन लग गई थी। बड़हरा गांव से आए मनोहर ने बताया कि जल्दी पर्ची मिल जाएगी तो डॉक्टर को दिखाने के बाद जल्द घर चले जाएंगे। कतार में खडे़ अन्य लोगों ने भी यही कहा। यहां दोनों काउंटरों पर कर्मचारी मौजूद रहे। लोगों को पर्ची दे रहे थे। उधर, सुबह 8.10 बजे प्लास्टर कक्ष के पास मिले। उनका कहना था कि डॉक्टर ने उन्हें सुबह का समय दिया था। धूप तेज होने के कारण जल्द चले आए लेकिन अभी डॉक्टर ही नहीं आए हैं। उधर, सुबह 8.20 बजे के करीब डॉक्टरों के कुछ कक्ष बंद मिले और कुछ खुले तो थे लेकिन वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। खेम पिपरा से आए संजय ने बताया कि चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाना है, लेकिन डॉक्टर अभी आए नहीं है। इस बीच करीब नौ बजे से डॉक्टरों के आने क्रम शुरू हुआ। डीएम अमरनाथ उपाध्याय का कहना है कि सभी डॉक्टरों को समय से अस्पताल पहुंचने के निर्देश हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से अस्पताल नहीं पहुंचता है तो शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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