{"_id":"67cde98d0e4e5032df02447d","slug":"disease-testing-is-very-slow-responsible-people-are-unaware-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-144297-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बीमारियों की जांच बेहद धीमी, जिम्मेदार बेखबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बीमारियों की जांच बेहद धीमी, जिम्मेदार बेखबर
Mon, 10 Mar 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिले में गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत लोगों की स्क्रीनिंग जांच बेहद धीमी है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य 30 वर्ष से अधिक उम्र के 13,91,804 लोगों की स्क्रीनिंग करना है। अब तक केवल 2,79,193 लोगों की हाई बीपी और 2,78,250 लोगों की डायबिटीज स्क्रीनिंग हुई है।
यह आंकड़ा निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। इससे समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने की संभावना कम होती जा रही है। जानकारी के अनुसार, एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिले में 22 फरवरी से 15 मार्च तक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 431 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर लोगों की जांच की जा रही है।
एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से यह प्रक्रिया तेज करने की योजना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण स्क्रीनिंग अभियान सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग नियमित रूप से नहीं हो रही है। कई स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मी तय समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनसीडी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना और उन्हें नियंत्रित करना है।
इसके तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों की स्क्रीनिंग की जानी है। ताकि बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाकर उचित इलाज किया जा सके, लेकिन अब तक लक्ष्य का मात्र 20 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।
विज्ञापन
यह आंकड़ा निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। इससे समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने की संभावना कम होती जा रही है। जानकारी के अनुसार, एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिले में 22 फरवरी से 15 मार्च तक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 431 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर लोगों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से यह प्रक्रिया तेज करने की योजना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण स्क्रीनिंग अभियान सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्क्रीनिंग नियमित रूप से नहीं हो रही है। कई स्थानों पर स्वास्थ्य कर्मी तय समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनसीडी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना और उन्हें नियंत्रित करना है।
इसके तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों की स्क्रीनिंग की जानी है। ताकि बीमारियों का शुरुआती चरण में ही पता लगाकर उचित इलाज किया जा सके, लेकिन अब तक लक्ष्य का मात्र 20 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।