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Maharajganj News: केंद्रीय लाइब्रेरी से अटैच होगी गांवों की डिजिटल लाइब्रेरी
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4.04 करोड़ रुपये से 101 पंचायतों में होगा निर्माण
शैक्षणिक संस्थान व विश्वविद्यालय से जोड़कर बनाया जा रहा उपयोगी
महराजगंज। जनपद के ग्राम पंचायतों में बनी डिजिटल लाइब्रेरी को और उपयोगी बनाने की कवायद पंचायतीराज विभाग ने शुरू की है। यह व्यवस्था उन 101 ग्राम पंचायतों के लिए है जहां पिछले वित्तीय सत्र में 4-4 लाख रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण हुआ था। अब इनके संचालन के लिए समितियों का गठन कर विभिन्न प्लेटफार्म से जोड़कर इन्हें उपयोगी बनाया जाएगा।
जिले में कुल 882 ग्राम पंचायतों में से कुल 101 में बीते वित्तीय सत्र में पंचायतीराज विभाग ने 4.04 करोड़ रुपये खर्च कर डिजिटल स्क्रीन, हाईस्पीड इंटरनेट, फर्नीचर व कंप्यूटर सिस्टम, वीडियो कान्फेंसिंग में शामिल होने का उपकरण व्यवस्थित कराया गया। डिजिटल लाइब्रेरी को पंचायत भवन के एक कमरे में व्यवस्थित कराने के बाद अप्रैल 2026 में उक्त ग्राम पंचायतों की लाइब्रेरी संचालित करने व देखरेख के लिए समिति का गठन कराया गया। इसकी जिम्मेदारी एडीओ पंचायत को सौंपी गई।
प्रत्येक गांव में संचालन समिति गठित होने के बाद गांव की डिजिटल लाइब्रेरी को केंद्रीय पुस्तकालय कोलकाता से जोड़ा जा रहा है। इससे लगभग 30 लाख से अधिक पुस्तकों के साथ रिसर्च पेपर, प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जरूरी सामग्री तक गांव के युवाओं की लाइब्रेरी के माध्यम से पहुंच हो सकेगी। साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थान व विश्वविद्यालय से भी गांव की डिजिटल लाइब्रेरी जोड़ी जा रही है। जिससे गांव के युवा बेहतर तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार इत्यादि से भी जुड़ सकें।
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वर्जन
ग्राम पंचायतों में बनी डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन व देखरेख के लिए समिति गठन के बाद अब इसे केंद्रीय लाइब्रेरी कोलकाता व अन्य शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय से जोड़ा जा रहा है। जिससे गांव में रहकर यूथ किसी भी परीक्षा की तैयारी कर सकें। उन्हें पर्याप्त कंटेंट, शोधपत्र व कॅरिअर संबंधित पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ महराजगंज
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शैक्षणिक संस्थान व विश्वविद्यालय से जोड़कर बनाया जा रहा उपयोगी
महराजगंज। जनपद के ग्राम पंचायतों में बनी डिजिटल लाइब्रेरी को और उपयोगी बनाने की कवायद पंचायतीराज विभाग ने शुरू की है। यह व्यवस्था उन 101 ग्राम पंचायतों के लिए है जहां पिछले वित्तीय सत्र में 4-4 लाख रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण हुआ था। अब इनके संचालन के लिए समितियों का गठन कर विभिन्न प्लेटफार्म से जोड़कर इन्हें उपयोगी बनाया जाएगा।
जिले में कुल 882 ग्राम पंचायतों में से कुल 101 में बीते वित्तीय सत्र में पंचायतीराज विभाग ने 4.04 करोड़ रुपये खर्च कर डिजिटल स्क्रीन, हाईस्पीड इंटरनेट, फर्नीचर व कंप्यूटर सिस्टम, वीडियो कान्फेंसिंग में शामिल होने का उपकरण व्यवस्थित कराया गया। डिजिटल लाइब्रेरी को पंचायत भवन के एक कमरे में व्यवस्थित कराने के बाद अप्रैल 2026 में उक्त ग्राम पंचायतों की लाइब्रेरी संचालित करने व देखरेख के लिए समिति का गठन कराया गया। इसकी जिम्मेदारी एडीओ पंचायत को सौंपी गई।
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प्रत्येक गांव में संचालन समिति गठित होने के बाद गांव की डिजिटल लाइब्रेरी को केंद्रीय पुस्तकालय कोलकाता से जोड़ा जा रहा है। इससे लगभग 30 लाख से अधिक पुस्तकों के साथ रिसर्च पेपर, प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जरूरी सामग्री तक गांव के युवाओं की लाइब्रेरी के माध्यम से पहुंच हो सकेगी। साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थान व विश्वविद्यालय से भी गांव की डिजिटल लाइब्रेरी जोड़ी जा रही है। जिससे गांव के युवा बेहतर तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार इत्यादि से भी जुड़ सकें।
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वर्जन
ग्राम पंचायतों में बनी डिजिटल लाइब्रेरी के संचालन व देखरेख के लिए समिति गठन के बाद अब इसे केंद्रीय लाइब्रेरी कोलकाता व अन्य शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय से जोड़ा जा रहा है। जिससे गांव में रहकर यूथ किसी भी परीक्षा की तैयारी कर सकें। उन्हें पर्याप्त कंटेंट, शोधपत्र व कॅरिअर संबंधित पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ महराजगंज