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Maharajganj News: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देख भावविभोर हुए श्रद्धालु
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श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन लक्ष्मीपुर सब्जी मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर सब्जी मंडी में शारदीय नवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावनधाम से आए कथाव्यास आचार्य उत्कर्ष पांडेय ने बृहस्पतिवार को वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्म की कथा एवं नंदोत्सव का वर्णन किया। भागवत कथा में धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छे व बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही आते हैं। श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कथाव्यास ने बताया कि कंस के कारागार में वासुदेव-देवकी के भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंद बाबा के घर में हुआ था। श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध करके पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त किया और अपने माता-पिता को कारागार से छुड़वाया।
कृष्ण जन्म पर कथास्थल विशेष रूप से सजाकर माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया गया तथा भक्तों ने झूमकर व गाकर नंदोत्सव मनाया। श्रीकृष्ण मनमोहक झांकी दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस दौरान ग्राम प्रधान व समिति के अध्यक्ष तजेंद्र पाल सिंह उर्फ गोल्डी सिंह, आचार्य शिवाजी शर्मा, दुर्गा प्रसाद आदि रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीपुर। लक्ष्मीपुर सब्जी मंडी में शारदीय नवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावनधाम से आए कथाव्यास आचार्य उत्कर्ष पांडेय ने बृहस्पतिवार को वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्म की कथा एवं नंदोत्सव का वर्णन किया। भागवत कथा में धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि मनुष्य के जीवन में अच्छे व बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही आते हैं। श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कथाव्यास ने बताया कि कंस के कारागार में वासुदेव-देवकी के भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंद बाबा के घर में हुआ था। श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध करके पृथ्वी को अत्याचार से मुक्त किया और अपने माता-पिता को कारागार से छुड़वाया।
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कृष्ण जन्म पर कथास्थल विशेष रूप से सजाकर माखन मिश्री का प्रसाद वितरण किया गया तथा भक्तों ने झूमकर व गाकर नंदोत्सव मनाया। श्रीकृष्ण मनमोहक झांकी दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस दौरान ग्राम प्रधान व समिति के अध्यक्ष तजेंद्र पाल सिंह उर्फ गोल्डी सिंह, आचार्य शिवाजी शर्मा, दुर्गा प्रसाद आदि रहे।
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