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Maharajganj News: कोशिश खूब पर नहीं बढ़ रहा परिषदीय स्कूलों में नामांकन
Sat, 18 May 2024 03:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 18 May 2024 03:17 AM IST
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एक माह 10 दिन में सिर्फ 1400 बच्चों का हुआ नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। परिषदीय स्कूलाें में दाखिले के लिए बदलता नियम शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सत्र के एक माह 10 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों के प्रवेश की रफ्तार काफी धीमी है। अभी तक 1705 स्कूलों में महज 1400 नामांकन हो सके हैं। इसके लिए जागरूकता रैली व गोष्ठी की जा रही है, लेकिन कुछ खास असर नहीं है।
शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इस बार कक्षा एक में एक अप्रैल वर्ष 2024 को छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को ही प्रवेश दिए जाने का आदेश पहले आया। फिर अपेक्षित प्रगति कर देखते हुए 31 जुलाई तक छह वर्ष पूर्ण करने वालों के प्रवेश की अनुमति भी दी गई। प्राइवेट स्कूलों की अधिकता के कारण परिषदीय स्कूलाें में हर साल शिक्षकाें को एक-एक नामांकन के लिए जोर लगाना पड़ता है। अब नए निर्देश के बाद शिक्षकों को नामांकन बढ़ाना कठिन लग रहा है। शिक्षकों का कहना है कि पहले अप्रैल में छह साल की उम्र बाध्यता से अधिकांश बच्चों को लौटा दिया गया। अब दोबारा 31 जुलाई तक इतनी उम्र को पूरा करने वाले बच्चे कहां मिलेंगे। अधिकतर ने तो निजी स्कूलों में प्रवेश करा लिया है। अबतक सर्वाधिक नामांकन 45 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नौतनवां व 33 धानी का है।
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नियम का अनुपालन सभी शिक्षकों को करना है, इसके लिए उन्हें निर्देश दिए गए हैं। सभी शिक्षक नामांकन बढ़ाने के अभियान चला रहे हैं। शीघ्र ही नामांकन हर स्कूल में बढ़े मिलेंगे।
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श्रवण गुप्ता, बीएसए
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। परिषदीय स्कूलाें में दाखिले के लिए बदलता नियम शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सत्र के एक माह 10 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों के प्रवेश की रफ्तार काफी धीमी है। अभी तक 1705 स्कूलों में महज 1400 नामांकन हो सके हैं। इसके लिए जागरूकता रैली व गोष्ठी की जा रही है, लेकिन कुछ खास असर नहीं है।
शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इस बार कक्षा एक में एक अप्रैल वर्ष 2024 को छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को ही प्रवेश दिए जाने का आदेश पहले आया। फिर अपेक्षित प्रगति कर देखते हुए 31 जुलाई तक छह वर्ष पूर्ण करने वालों के प्रवेश की अनुमति भी दी गई। प्राइवेट स्कूलों की अधिकता के कारण परिषदीय स्कूलाें में हर साल शिक्षकाें को एक-एक नामांकन के लिए जोर लगाना पड़ता है। अब नए निर्देश के बाद शिक्षकों को नामांकन बढ़ाना कठिन लग रहा है। शिक्षकों का कहना है कि पहले अप्रैल में छह साल की उम्र बाध्यता से अधिकांश बच्चों को लौटा दिया गया। अब दोबारा 31 जुलाई तक इतनी उम्र को पूरा करने वाले बच्चे कहां मिलेंगे। अधिकतर ने तो निजी स्कूलों में प्रवेश करा लिया है। अबतक सर्वाधिक नामांकन 45 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नौतनवां व 33 धानी का है।
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नियम का अनुपालन सभी शिक्षकों को करना है, इसके लिए उन्हें निर्देश दिए गए हैं। सभी शिक्षक नामांकन बढ़ाने के अभियान चला रहे हैं। शीघ्र ही नामांकन हर स्कूल में बढ़े मिलेंगे।
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श्रवण गुप्ता, बीएसए