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Maharajganj News: भैरहवा मेडिकल काॅलेज के छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की मांग
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काॅलेज प्रशासन ने बयान जारी कर आंदोलन पर डटे छात्रों से किया अनुरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भैरहवा में यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से आंदोलन खत्म करने की मांग की। कॉलेज प्रशासन ने बयान जारी कर आंदोलन से डटे छात्रों से इस बात का अनुरोध किया। बयान में विरोध के विषय को लेकर भविष्य में किसी भी छात्र के साथ भेदभाव न करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
एमबीबीएस, बीडीएस और पीजी कोर्स के छात्र कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मी पाठक के इस्तीफे समेत सात सूत्री मांगों को लेकर पिछले 17 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन और आंदोलनकारी छात्र समूह के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र इस बात पर अड़े रहे हैं कि जब तक कॉलेज की प्रिंसिपल पाठक इस्तीफा नहीं देती या उन्हें कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक कोई भी बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी बात को लेकर कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 1,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। छात्रों के विरोध के कारण उपचार सेवाएं प्रभावित बाधित है उन्हें वापस होना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भैरहवा में यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से आंदोलन खत्म करने की मांग की। कॉलेज प्रशासन ने बयान जारी कर आंदोलन से डटे छात्रों से इस बात का अनुरोध किया। बयान में विरोध के विषय को लेकर भविष्य में किसी भी छात्र के साथ भेदभाव न करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
एमबीबीएस, बीडीएस और पीजी कोर्स के छात्र कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मी पाठक के इस्तीफे समेत सात सूत्री मांगों को लेकर पिछले 17 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन और आंदोलनकारी छात्र समूह के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आंदोलनकारी छात्र इस बात पर अड़े रहे हैं कि जब तक कॉलेज की प्रिंसिपल पाठक इस्तीफा नहीं देती या उन्हें कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जाता, तब तक कोई भी बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी।
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इसी बात को लेकर कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 1,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। छात्रों के विरोध के कारण उपचार सेवाएं प्रभावित बाधित है उन्हें वापस होना पड़ रहा है।
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