{"_id":"5cae40ecbdec22144d7e2123","slug":"demand-for-caste-certificate-of-dhuriya-gond-society","type":"story","status":"publish","title_hn":"धुरिया गोंड समाज के जाति प्रमाणपत्र के लिए उठी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धुरिया गोंड समाज के जाति प्रमाणपत्र के लिए उठी मांग
Thu, 11 Apr 2019 12:45 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
धुरिया गोंड समाज के जाति प्रमाणपत्र के लिए उठी मांग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरेंदा (महराजगंज)। डीएम के आदेश पर बुधवार को एसडीएम आरबी सिंह की अध्यक्षता में तहसील सभागार में बैठक आयोजित हुई। इसमे आम सहमति बना कर धुरिया गोंड समाज को अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग उठी। इस पर एसडीएम ने सभी लेखपालों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। जिसको एक सप्ताह के भीतर डीएम के सामने प्रस्तुत करना होगा।
तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि जिले में धुरिया समाज के लोग नहीं पाए जाते हैं। जिस पर जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्ष 2008 से 2011 के बीच में गोंड समाज के 183 लोगों का अनुसूचित जनजाति में प्रमाण पत्र जारी हुआ है जो कि वैध है। वर्तमान में तहसील फरेंदा में बहुत अधिक संख्या में धुरिया गोंड निवास करते हैं। जिनका समय-समय पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र भी जारी होता रहा है। जिलाध्यक्ष राजमंगल गोंड ने कहा कि जिले के निचलौल तहसील में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी हो रहा है लेकिन फरेंदा में क्यों नहीं हो रहा है। जिस पर एसडीएम आरबी सिंह ने तहसील के सभी लेखपालो से धुरिया गोंड समाज के बारे में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। ताकि डीएम को मामले से अवगत कराया जा सके। बैठक में तहसील अध्यक्ष राधेश्याम धुरिया, सत्येंद्र गोंड, सतीश गोंड, श्रीचंद गोंड, प्रमोद गोंड, रामलाल धुरिया, शैलेंद्र गोंड, रमेश, ओमप्रकाश, नीरज, शिवाराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि जिले में धुरिया समाज के लोग नहीं पाए जाते हैं। जिस पर जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्ष 2008 से 2011 के बीच में गोंड समाज के 183 लोगों का अनुसूचित जनजाति में प्रमाण पत्र जारी हुआ है जो कि वैध है। वर्तमान में तहसील फरेंदा में बहुत अधिक संख्या में धुरिया गोंड निवास करते हैं। जिनका समय-समय पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र भी जारी होता रहा है। जिलाध्यक्ष राजमंगल गोंड ने कहा कि जिले के निचलौल तहसील में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी हो रहा है लेकिन फरेंदा में क्यों नहीं हो रहा है। जिस पर एसडीएम आरबी सिंह ने तहसील के सभी लेखपालो से धुरिया गोंड समाज के बारे में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। ताकि डीएम को मामले से अवगत कराया जा सके। बैठक में तहसील अध्यक्ष राधेश्याम धुरिया, सत्येंद्र गोंड, सतीश गोंड, श्रीचंद गोंड, प्रमोद गोंड, रामलाल धुरिया, शैलेंद्र गोंड, रमेश, ओमप्रकाश, नीरज, शिवाराम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन