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महाराजगंज: दर्जीनिया में बनेगा मगरमच्छ प्रजनन केंद्र
Fri, 17 Feb 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 17 Feb 2023 12:23 AM IST
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केंद्र के विकास से मगरमच्छों के विकास में निभाई जाएगी अहम भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज में स्थित दर्जीनिया ताल में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद उसके निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। केंद्र के बन जाने से जहां यहां की रौनक और बढ़ जाएगी, वहीं, दर्जीनिया से अन्य स्थलों पर भी मगरमच्छ को भेजा जा सकेगा।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के सात रेंजों में से निचलौल का वन क्षेत्र ऐसा है, जिसमें सर्वाधिक मगरमच्छ हैं। जंगल क्षेत्र में स्थित दर्जीनिया को मगरमच्छों के अनुकूल बनाने के लिए वन विभाग की ओर से पहल की जा रही है। ताल में नर व मादा मगरमच्छ की मौजूदगी को देखते हुए इसे प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने के लिए वन विभाग की ओर से शासन में प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रस्ताव के स्वीकृत होने के बाद यहां पर मगरमच्छों को सुरक्षित ढंग से रखने व प्रजनन के माध्यम से उनकी संख्या में बढ़ोतरी का प्रयास होगा। संख्या में बढ़ोतरी से जहां निचलौल रेंज और समृद्ध होगा, वहीं, प्रजनन केंद्र के बन जाने से यहां से छोटे संख्या में मगरमच्छ प्रदेश के अन्य वन प्रभागों में मांग के क्रम में भेजे जा सकेंगे।
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गणना में 166 मगरमच्छों के होने की हुई है पुष्टि
वन विभाग की ओर से वर्ष 2022 में की गई गणना के मुताबिक सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में कुल 166 मगरमच्छ हैं। इनमें 65 नर, 61 मादा व 40 बच्चे हैं। अकेले निचलौल वन क्षेत्र में कुल 138 मगरमच्छ हैं। इनमें से 58 नर, 53 मादा व 27 बच्चे हैं। मधवलिया में 11, पकड़ी में दो एवं उत्तरी चौक में भी 15 मगरमच्छों के होने की पुष्टि हुई है।
कोट
निचलौल वन क्षेत्र के दर्जीनिया को मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाने की दिशा में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही केंद्र का निर्माण प्रारंभ कराया जाएगा।
-पुष्प कुमार कांधला, प्रभागीय वनाधिकारी, सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज में स्थित दर्जीनिया ताल में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद उसके निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। केंद्र के बन जाने से जहां यहां की रौनक और बढ़ जाएगी, वहीं, दर्जीनिया से अन्य स्थलों पर भी मगरमच्छ को भेजा जा सकेगा।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के सात रेंजों में से निचलौल का वन क्षेत्र ऐसा है, जिसमें सर्वाधिक मगरमच्छ हैं। जंगल क्षेत्र में स्थित दर्जीनिया को मगरमच्छों के अनुकूल बनाने के लिए वन विभाग की ओर से पहल की जा रही है। ताल में नर व मादा मगरमच्छ की मौजूदगी को देखते हुए इसे प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने के लिए वन विभाग की ओर से शासन में प्रस्ताव भेजा गया है।
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प्रस्ताव के स्वीकृत होने के बाद यहां पर मगरमच्छों को सुरक्षित ढंग से रखने व प्रजनन के माध्यम से उनकी संख्या में बढ़ोतरी का प्रयास होगा। संख्या में बढ़ोतरी से जहां निचलौल रेंज और समृद्ध होगा, वहीं, प्रजनन केंद्र के बन जाने से यहां से छोटे संख्या में मगरमच्छ प्रदेश के अन्य वन प्रभागों में मांग के क्रम में भेजे जा सकेंगे।
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गणना में 166 मगरमच्छों के होने की हुई है पुष्टि
वन विभाग की ओर से वर्ष 2022 में की गई गणना के मुताबिक सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग में कुल 166 मगरमच्छ हैं। इनमें 65 नर, 61 मादा व 40 बच्चे हैं। अकेले निचलौल वन क्षेत्र में कुल 138 मगरमच्छ हैं। इनमें से 58 नर, 53 मादा व 27 बच्चे हैं। मधवलिया में 11, पकड़ी में दो एवं उत्तरी चौक में भी 15 मगरमच्छों के होने की पुष्टि हुई है।
कोट
निचलौल वन क्षेत्र के दर्जीनिया को मगरमच्छ प्रजनन केंद्र बनाने की दिशा में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही केंद्र का निर्माण प्रारंभ कराया जाएगा।
-पुष्प कुमार कांधला, प्रभागीय वनाधिकारी, सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग