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Maharajganj News: रोहिन बैराज निर्माण में देरी, समय पर नहीं हो सका तैयार
Thu, 20 Jun 2024 05:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:11 AM IST
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नौतनवा। तहसील क्षेत्र के रतनपुर के मिश्रौलिया में रोहिन नदी पर बन रहे डिजिटल बैराज का काम काफी धीमा चल रहा है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए इस वर्ष भी नहरों में पानी होने की संभावना कम दिख रही है। बैराज निर्माण पूरा होने का समय तक मार्च था, लेकिन अभी तक करीब 85 से 90 फीसदी ही काम हो सका है।
क्षेत्र के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए सन् 1947 में रतनपुर के मिश्रौलिया में रोहिन नदी में बीयर गेट बनाकर पानी आपूर्ति की जाती थी। अगस्त 2005 में आई बाढ़ से रोहिन बीयर गेट टूट गया, जिससे पानी आपूर्ति ठप हो गई। किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी में अस्थायी बांध बनाकर पानी की आपूर्ति की, लेकिन बरसात आने से पहले बाढ़ से बचाव के लिए बांध काट दिया जाता है। इससे किसानों को केवल रबी की फसल में ही सिंचाई की सुविधा मिल पाती थी।
सरकार द्वारा किसानों की सिंचाई की समस्या दूर करने के लिए रोहिन नदी में 148 करोड़ की लागत से डिजिटल बैराज का निर्माण कराया जा रहा है। इस काम मार्च तक पूरा हो जाना था, लेकिन टेक्निकल समस्या और बाढ़ आने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो गया।
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जेई मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक 85 से 90 फीसदी काम हो चुका है। इधर भीषण गर्मी और लू चलने तथा नदी में पानी आने के कारण काम धीमी है। डिजिटल बैराज में छह पियर का निर्माण होना है, जिसमें तीन का निर्माण हो चुका है। चौथे और पांचवें पियर का निर्माण हो रहा है। इसके दोनों तरफ दो अबूटमेंट का निर्माण हुआ है। ऊपर स्लैब और गेट लगाना बाकी है। छह पियर और दो अबूटमेंट में सात गेट लगेंगे। पियर का निर्माण पूरा होने में अभी एक से डेढ़ माह लग सकता है। उसके बाद ही गेट लगाने का कार्य शुरू होगा।
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क्षेत्र के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए सन् 1947 में रतनपुर के मिश्रौलिया में रोहिन नदी में बीयर गेट बनाकर पानी आपूर्ति की जाती थी। अगस्त 2005 में आई बाढ़ से रोहिन बीयर गेट टूट गया, जिससे पानी आपूर्ति ठप हो गई। किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी में अस्थायी बांध बनाकर पानी की आपूर्ति की, लेकिन बरसात आने से पहले बाढ़ से बचाव के लिए बांध काट दिया जाता है। इससे किसानों को केवल रबी की फसल में ही सिंचाई की सुविधा मिल पाती थी।
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सरकार द्वारा किसानों की सिंचाई की समस्या दूर करने के लिए रोहिन नदी में 148 करोड़ की लागत से डिजिटल बैराज का निर्माण कराया जा रहा है। इस काम मार्च तक पूरा हो जाना था, लेकिन टेक्निकल समस्या और बाढ़ आने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो गया।
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जेई मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक 85 से 90 फीसदी काम हो चुका है। इधर भीषण गर्मी और लू चलने तथा नदी में पानी आने के कारण काम धीमी है। डिजिटल बैराज में छह पियर का निर्माण होना है, जिसमें तीन का निर्माण हो चुका है। चौथे और पांचवें पियर का निर्माण हो रहा है। इसके दोनों तरफ दो अबूटमेंट का निर्माण हुआ है। ऊपर स्लैब और गेट लगाना बाकी है। छह पियर और दो अबूटमेंट में सात गेट लगेंगे। पियर का निर्माण पूरा होने में अभी एक से डेढ़ माह लग सकता है। उसके बाद ही गेट लगाने का कार्य शुरू होगा।