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डीएपी : कहीं रहे परेशान, कहीं खाद न आने से भटके किसान
Tue, 12 Nov 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 12 Nov 2024 01:42 AM IST
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महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक केंद्रों पर किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। कहीं खाद आने के बाद उसे लेने के लिए किसानों को परेशानी हो रही है तो कहीं खाद न रहने से केंद्र का किसान चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सोमवार को शहर के इफको किसान सेवा केंद्र पर किसान भोर से ही कतार लगाए नजर आए। सुबह आने के बाद भी खाद लेने में दोपहर हो गई।
शहर में पिपरदेउरा रोड पर इफको किसान सेवा केंद्र है। यहां सोमवार को किसान ईंट रखकर अपना नंबर भोर से ही लगाकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे थे। सुबह करीब 10 बजे सेंटर खुला, तब तक किसानों की भीड़ लग गई थी। दूर-दराज से आए किसान यही चर्चा कर रहे थे कि हर हाल ऐसे ही परेशानी होती है।
अधिकारी कह रहे हैं कि खाद पर्याप्त है तो मिलने में परेशानी क्यों हो रही है। यहां तो प्रत्येक दिन किसानों की भीड़ लग रही है। दूसरी ओर परतावल के इफको केंद्र पर डीएपी बीते बृहस्पतिवार को 400 बोरी आई जो उसी दिन समाप्त भी हो गई। ऐसे में किसानों को आसपास की समितियों में भेजा रहा है। किसानों का आरोप है कि समिति संचालक अपने करीबी लोगों को ही प्राथमिकता के साथ डीएपी उपलब्ध करा रहे हैं।
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किसानों के लिए इन दिनों खाद की किल्लत सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इफको गोदाम पर खाद वितरण के लिए 400 बोरी खाद मंगाई गई थी, जो एक ही दिन में समाप्त हो गई। तभी से किसान खाद की रैक आने का इंतजार कर रहे है। गेंहू बोआई में हो रही देरी व नमी समाप्त होने के डर के चलते किसानों को खाद के लिए निजी दुकानदारों से खाद खरीदना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि ज्यादा दाम देने पर भी खाद बहुत मुश्किल से मिल पा रहा है।
इफको सेंटर पर 1350 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली खाद निजी दुकानों पर 1600 से अधिक रुपये प्रति बोरी तक दी जा रही है। सोमवार को परतावल इफको सेंटर पर पहुंचे किसान हकीम ने एक बोरी खाद ही देने की गुहार लगाई, लेकिन केंद्र प्रभारी ने उन्हें बाद में आने के लिए कह दिया।
रामदरश, प्रताप, बृजेश, कन्हैया, राजदेव आदि किसानों का कहना है कि खेत तैयार है, ऐसे में खाद की व्यवस्था होते ही बोआई कर देनी है। नमी समाप्त हो जाएगी तो लागत में वृद्धि हो जाएगी परतावल इफको केंद्र प्रभारी सौरभ सिंह ने बताया कि बीते बृहस्पतिवार को 400 बोरी डीएपी आई थी जो उसी दिन समाप्त हो गई। अगला रैक कब आएगा, इसकी कोई उम्मीद नहीं है।
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सोमवार को शहर के इफको किसान सेवा केंद्र पर किसान भोर से ही कतार लगाए नजर आए। सुबह आने के बाद भी खाद लेने में दोपहर हो गई।
शहर में पिपरदेउरा रोड पर इफको किसान सेवा केंद्र है। यहां सोमवार को किसान ईंट रखकर अपना नंबर भोर से ही लगाकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे थे। सुबह करीब 10 बजे सेंटर खुला, तब तक किसानों की भीड़ लग गई थी। दूर-दराज से आए किसान यही चर्चा कर रहे थे कि हर हाल ऐसे ही परेशानी होती है।
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अधिकारी कह रहे हैं कि खाद पर्याप्त है तो मिलने में परेशानी क्यों हो रही है। यहां तो प्रत्येक दिन किसानों की भीड़ लग रही है। दूसरी ओर परतावल के इफको केंद्र पर डीएपी बीते बृहस्पतिवार को 400 बोरी आई जो उसी दिन समाप्त भी हो गई। ऐसे में किसानों को आसपास की समितियों में भेजा रहा है। किसानों का आरोप है कि समिति संचालक अपने करीबी लोगों को ही प्राथमिकता के साथ डीएपी उपलब्ध करा रहे हैं।
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किसानों के लिए इन दिनों खाद की किल्लत सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इफको गोदाम पर खाद वितरण के लिए 400 बोरी खाद मंगाई गई थी, जो एक ही दिन में समाप्त हो गई। तभी से किसान खाद की रैक आने का इंतजार कर रहे है। गेंहू बोआई में हो रही देरी व नमी समाप्त होने के डर के चलते किसानों को खाद के लिए निजी दुकानदारों से खाद खरीदना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि ज्यादा दाम देने पर भी खाद बहुत मुश्किल से मिल पा रहा है।
इफको सेंटर पर 1350 रुपये प्रति बोरी मिलने वाली खाद निजी दुकानों पर 1600 से अधिक रुपये प्रति बोरी तक दी जा रही है। सोमवार को परतावल इफको सेंटर पर पहुंचे किसान हकीम ने एक बोरी खाद ही देने की गुहार लगाई, लेकिन केंद्र प्रभारी ने उन्हें बाद में आने के लिए कह दिया।
रामदरश, प्रताप, बृजेश, कन्हैया, राजदेव आदि किसानों का कहना है कि खेत तैयार है, ऐसे में खाद की व्यवस्था होते ही बोआई कर देनी है। नमी समाप्त हो जाएगी तो लागत में वृद्धि हो जाएगी परतावल इफको केंद्र प्रभारी सौरभ सिंह ने बताया कि बीते बृहस्पतिवार को 400 बोरी डीएपी आई थी जो उसी दिन समाप्त हो गई। अगला रैक कब आएगा, इसकी कोई उम्मीद नहीं है।