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पिपरा तहसील में कच्ची शराब का धंधा बंद
महराजगंज/ ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2016 12:19 AM IST
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कच्ची शराब की तलाश में छापा मारती पुलिस
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पिपरा तहसील में कच्ची शराब के धंधे के खिलाफ गांव की महिलाओं और बच्चों का आंदोलन रंग लाया। सोमवार को ‘अमर उजाला’ में कच्ची शराब के खिलाफ गांववालों का आंदोलन प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद आबकारी विभाग की टीम ने गांव में जाकर छापेमारी की। हालांकि वहां से न तो लहन और न ही कच्ची शराब बरामद हुई।
आबकारी इंसपेक्टर बसंत प्रसाद ने बताया कि गांव वालों के प्रयास से कच्ची शराब का धंधा पूर्ण रूप से इस समय बंद हो गया है। अगर इसी प्रकार से सभी गांव के लोग जागरूक हुए तो शराब का धंधा पूरी तरह बंद हो जाएगा। बता दें कि फरेंदा क्षेत्र के पिपरा तहसीलदार के खड़खडिया, नौढिहवां, पूरब टोला सहित कई टोलों पर कच्ची शराब के धंधे से आजीज आकर गांव वालों ने आंदोलन शुरू किया था।
इसके तहत गांव की महिलाओं ने धंधेबाजों के घरों पर धावा बोल कर कच्ची शराब व उसको बनाने वाले लहन सहित पचास शराब की भट्ठियों को तोड़कर नष्ट कर दिया। गांव के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि अगर शराब का धंधा गांव से बंद नहीं हुआ तो फरेंदा-महराजगंज मार्ग को जाम किया जाएगा। उसी चेतावनी के बाद सोमवार को आबकारी टीम ने गांव में छापेमारी कर धंधा बंद होने की बात कही।
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आबकारी इंसपेक्टर बसंत प्रसाद ने बताया कि गांव वालों के प्रयास से कच्ची शराब का धंधा पूर्ण रूप से इस समय बंद हो गया है। अगर इसी प्रकार से सभी गांव के लोग जागरूक हुए तो शराब का धंधा पूरी तरह बंद हो जाएगा। बता दें कि फरेंदा क्षेत्र के पिपरा तहसीलदार के खड़खडिया, नौढिहवां, पूरब टोला सहित कई टोलों पर कच्ची शराब के धंधे से आजीज आकर गांव वालों ने आंदोलन शुरू किया था।
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इसके तहत गांव की महिलाओं ने धंधेबाजों के घरों पर धावा बोल कर कच्ची शराब व उसको बनाने वाले लहन सहित पचास शराब की भट्ठियों को तोड़कर नष्ट कर दिया। गांव के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि अगर शराब का धंधा गांव से बंद नहीं हुआ तो फरेंदा-महराजगंज मार्ग को जाम किया जाएगा। उसी चेतावनी के बाद सोमवार को आबकारी टीम ने गांव में छापेमारी कर धंधा बंद होने की बात कही।
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