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सीमा बांटने को लेकर भैरहवा में चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:03 AM IST
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जाम में फंसे वाहन।
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सोनौली/कपिलवस्तु। नेपाल में संविधान संशोधन के तहत भैरहवा नगरपालिका में आने वाले कुछ हिस्से को अलग किए जाने के खिलाफ विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने भैरहवा के बुध चौक पर चक्का जाम किया।
भैरहवा नगरपालिका क्षेत्र में आने वाले हाटी, बनगाइ, बसन्तपुर, मनहेया, बगरपदसारा चिल्हिया, समेत कई क्षेत्र को अलग किये जाने के खिलाफ नेपाली कांग्रेस एमाले और माओवादी के नेता एक साथ सड़क पर उतर गए। और विरोध प्रदर्शन करते हुये भैरहवा के बुध चौक पर चक्का जाम कर धरने पर बैठ गए करीब एक घंटे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग माने व जाम व प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।
नेपाल के कपिलवस्तु संवाददाता के अनुसार, मधेसी दलों की संविधान में संशोधन कर मधेसी हित को प्राथामिकता देने की मांग पर सरकार द्वारा दिलचस्पी न दिखाए जाने से मधेसी मोर्चा आंदेालन की राह पकड़ सकता है। रविवार को तौलिहवा में कार्यकर्ता सम्मेलन में आए सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मधेसी मोर्चा के नेता राजेंद्र महतो ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को आंदेालन के लिए तैयार रहने को कहा। महतो ने इस संबंध में सरकार को प्र्रस्ताव देते हुए समस्या के समाधान के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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बता दें कि प्रचंड सरकार को मधेसी दलों का भी समर्थन है। ओली सरकार के वक्त संविधान में संशोधन की मांग को लेकर मधेसी दलों के पांच माह के नाका बंदी आंदेालन के समय कई जगह पुलिस व मधेसी नेताओं में हुई झड़प में 55 मधेसी कार्यकर्ता मारे गए थे।
प्रचंड सरकार ने मृतकों को दस दस लाख मुआवजा देकर मधेसियों की मांगों पर विचार करने का संकेत दिया था। लेकिन करीब चार माह बाद भी सरकार ने इस संबंध में और कोई बात आगे नहीं बढ़ाई लिहाजा मधेसी दलों में प्रचंड सरकार के प्रति शंका होना लाजिमी है। संविधान संशोधन न करने को लेकर बढ़ रही चिंता व नाराजगी को व्यक्त करते हुए राजेंद्र महतो ने कहा कि एमाले द्वारा यह कहा जाना कि संविधान जनता के अनुकूल है और सरासर गलत है।
यह संविधान नेपाल के कुल आवादी में से कुछ खास वर्ग के ध्यान में रखकर ही बनाया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आवाहन किया कि वे एमाले के विरोध के लिए भी तैयार रहें। कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रमुख रूप से वृजेंद्र चौधरी, रवि दत्त मिश्रा,नरसिंह चौधरी,मधुसूदन चौधरी,दीपेंद्र शुक्ला आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन संतोष पटेल ने किया था।
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भैरहवा नगरपालिका क्षेत्र में आने वाले हाटी, बनगाइ, बसन्तपुर, मनहेया, बगरपदसारा चिल्हिया, समेत कई क्षेत्र को अलग किये जाने के खिलाफ नेपाली कांग्रेस एमाले और माओवादी के नेता एक साथ सड़क पर उतर गए। और विरोध प्रदर्शन करते हुये भैरहवा के बुध चौक पर चक्का जाम कर धरने पर बैठ गए करीब एक घंटे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग माने व जाम व प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।
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नेपाल के कपिलवस्तु संवाददाता के अनुसार, मधेसी दलों की संविधान में संशोधन कर मधेसी हित को प्राथामिकता देने की मांग पर सरकार द्वारा दिलचस्पी न दिखाए जाने से मधेसी मोर्चा आंदेालन की राह पकड़ सकता है। रविवार को तौलिहवा में कार्यकर्ता सम्मेलन में आए सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मधेसी मोर्चा के नेता राजेंद्र महतो ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को आंदेालन के लिए तैयार रहने को कहा। महतो ने इस संबंध में सरकार को प्र्रस्ताव देते हुए समस्या के समाधान के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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बता दें कि प्रचंड सरकार को मधेसी दलों का भी समर्थन है। ओली सरकार के वक्त संविधान में संशोधन की मांग को लेकर मधेसी दलों के पांच माह के नाका बंदी आंदेालन के समय कई जगह पुलिस व मधेसी नेताओं में हुई झड़प में 55 मधेसी कार्यकर्ता मारे गए थे।
प्रचंड सरकार ने मृतकों को दस दस लाख मुआवजा देकर मधेसियों की मांगों पर विचार करने का संकेत दिया था। लेकिन करीब चार माह बाद भी सरकार ने इस संबंध में और कोई बात आगे नहीं बढ़ाई लिहाजा मधेसी दलों में प्रचंड सरकार के प्रति शंका होना लाजिमी है। संविधान संशोधन न करने को लेकर बढ़ रही चिंता व नाराजगी को व्यक्त करते हुए राजेंद्र महतो ने कहा कि एमाले द्वारा यह कहा जाना कि संविधान जनता के अनुकूल है और सरासर गलत है।
यह संविधान नेपाल के कुल आवादी में से कुछ खास वर्ग के ध्यान में रखकर ही बनाया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आवाहन किया कि वे एमाले के विरोध के लिए भी तैयार रहें। कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रमुख रूप से वृजेंद्र चौधरी, रवि दत्त मिश्रा,नरसिंह चौधरी,मधुसूदन चौधरी,दीपेंद्र शुक्ला आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन संतोष पटेल ने किया था।