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छत की कुंडी से फंदा लगा युवक ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:30 AM IST
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पिपरामौनी में फंदा लगाकर जान देने के बाद रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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फरेंदा। फरेंदा थाना क्षेत्र के पिपरामौनी के पिपरहवा गांव में शुक्रवार को युवक ने कमरे में छत की कुंडी में फंदा लगा कर जान दे दी। कमरे में उसका लिखा सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने घर के लोगों को निर्दोष बताया है। घर वालों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
पिपरामौनी के पिपरहवां गांव निवासी उमाशंकर सिंह शुक्रवार की सुबह आठ बजे के करीब कमरे के अंदर था। थोड़ी देर बाद घर का कोई सदस्य कमरे के अंदर चाय ले कर गया तो कमरा अंदर से बंद मिला। कुछ देर बुलाने के बाद कमरा नहीं खुला तो घर के पीछे लगे जंगले से देखा तो सबके होश उड़ गए।
युवक कमरे के पंखे के कुंडी से कपड़े का फंदा लगा कर झूल रहा था। घर वाले चीखने-च्ल्लिाने लगे। शोर सुनकर अगल-बगल के लोग इकट्ठा हुए तो कमरे को खोल कर युवक को बाहर लाया गया तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। युवक कमरे के अंदर सुसाइड नोट मिला। घर वालों के मुताबिक काफी दिनों से पारिवारिक विवाद के कारण गुमसुम रहता था। पत्नी माधुरी चौधरी सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है। वह किसी कारण से आठ महीने से अपने मायके में जाकर रह रही थी।
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घटना के दिन भी वह अपने मायके में ही थी। पति की मौत की खबर सुनकर वह ससुराल आई। युवक के दो बच्चे हैं। उमाशंकर दो भाइयों में छोटे थे। दोनों भाई अलग-अलग रह कर गुजर बसर कर रहे थे। मां-बाप घर से थोडी दूर दूसरे मकान पर थे। बेटे के मौत को सुनकर माँ-बाप मौके पर पहुंचे। बूढ़े मां-बाप अपने जवान बेटे के मौत पर रो-रो कर बेसुध हो रहे थे।
बच्चों के लिए कुछ न कर पाने का मलाल
फरेंदा। पिपरामौनी के उमाशंकर का पारिवारिक जीवन सामान्य चल रहा था। वह पढ़ा-लिखा होनहार युवक था। वह पुरंदरपुर के ललाइन पैसिया के एक राइस मिल पर एकाउंटेंट का काम कर रहा था। पत्नी भी सफाईकर्मी है। ऐसे में युवक की आत्महत्या की वजह समझ से परे है। सुसाइड नोट में मौत में किसी को दोषी न ठहराने की बात लिखी है। मौत का कारण बच्चों के लिए कुछ न कर पाने की बात कही है।
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पिपरामौनी के पिपरहवां गांव निवासी उमाशंकर सिंह शुक्रवार की सुबह आठ बजे के करीब कमरे के अंदर था। थोड़ी देर बाद घर का कोई सदस्य कमरे के अंदर चाय ले कर गया तो कमरा अंदर से बंद मिला। कुछ देर बुलाने के बाद कमरा नहीं खुला तो घर के पीछे लगे जंगले से देखा तो सबके होश उड़ गए।
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युवक कमरे के पंखे के कुंडी से कपड़े का फंदा लगा कर झूल रहा था। घर वाले चीखने-च्ल्लिाने लगे। शोर सुनकर अगल-बगल के लोग इकट्ठा हुए तो कमरे को खोल कर युवक को बाहर लाया गया तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। युवक कमरे के अंदर सुसाइड नोट मिला। घर वालों के मुताबिक काफी दिनों से पारिवारिक विवाद के कारण गुमसुम रहता था। पत्नी माधुरी चौधरी सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है। वह किसी कारण से आठ महीने से अपने मायके में जाकर रह रही थी।
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घटना के दिन भी वह अपने मायके में ही थी। पति की मौत की खबर सुनकर वह ससुराल आई। युवक के दो बच्चे हैं। उमाशंकर दो भाइयों में छोटे थे। दोनों भाई अलग-अलग रह कर गुजर बसर कर रहे थे। मां-बाप घर से थोडी दूर दूसरे मकान पर थे। बेटे के मौत को सुनकर माँ-बाप मौके पर पहुंचे। बूढ़े मां-बाप अपने जवान बेटे के मौत पर रो-रो कर बेसुध हो रहे थे।
बच्चों के लिए कुछ न कर पाने का मलाल
फरेंदा। पिपरामौनी के उमाशंकर का पारिवारिक जीवन सामान्य चल रहा था। वह पढ़ा-लिखा होनहार युवक था। वह पुरंदरपुर के ललाइन पैसिया के एक राइस मिल पर एकाउंटेंट का काम कर रहा था। पत्नी भी सफाईकर्मी है। ऐसे में युवक की आत्महत्या की वजह समझ से परे है। सुसाइड नोट में मौत में किसी को दोषी न ठहराने की बात लिखी है। मौत का कारण बच्चों के लिए कुछ न कर पाने की बात कही है।