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बसपा नेताओं की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:15 AM IST
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दयाशंकर सिंह के परिवार वालों के खिलाफ टिप्पणी के विरोध में जिला मुख्यालय पर भाजपा नेताओं ने बसपा के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। बसपा नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को दिया। जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल ने बसपा सुप्रीमो और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के साथ ही बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की। पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर की पत्नी, बेटी और मां की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लखनऊ में अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष बसपाइयों द्वारा जो तांडव किया गया और दयाशंकर सिंह की पत्नी, बेटी के बारे में अपमान जनक टिप्पणियां की गई उसकी न्यायिक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे। ऐसे लोगों की जगह जेल है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गंभीर धाराओं में निरुद्ध किया जाए। उन्होंने बताया कि शीघ्र मांगें पूरी नहीं हुईं तो भारतीय जनता पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उसकी सारी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस दौरान परदेशी रविदास, प्रमोद तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, प्रमोद जायसवाल, मधुरि सिंह, दिनेश जायसवाल, प्रेम सागर पटेल आदि उपस्थित रहे।
दूसरी तरफ, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दयाशंकर सिंह के निष्कासन और बसपा के शीर्ष नेतृत्व की अमर्यादित प्रतिक्रिया से लोग तिलमिला उठे हैं। पाटी के भीतर ही दयाशंकर सिंह के निष्कासन को रद्द करने की मांग उठने लगी है।
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भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी डॉ शांति मिश्र ने प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर दयाशंकर सिंह को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने के निर्णय को गलत ठहराया है। कहा है कि इससे पार्टी से जुड़े लोगों को धक्का लगा है। डॉ मिश्र ने माना है कि पूर्व मुख्यमंत्री पर दयाशंकर सिंह की टिप्पणी निंदनीय है। लेकिन सजा अपराध के अनुपात में होनी चाहिए।
डॉ मिश्र ने कहा कि बसपा के लोगों ने दयाशंकर सिंह की वृद्ध मां, पत्नी और अबोध बेटी के विरुद्ध अपमानजनक और घृणित शब्दों का जिस तरह प्रयोग किया, उससे आम जनमानस उद्वेलित है। उन्होंने दयाशंकर सिंह की पत्नी और मां द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। कहा है कि जब भी किसी मां और बेटी पर अपमानजनक टिप्पणियां की जाएंगी तो समाज उसे बर्दाश्त नहीं करेगा और मां-बेटी के सम्मान में खड़ा रहेगा। डॉ शांति मिश्र ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के लिखे पत्र में दयाशंकर सिंह का निष्कासन रद्द कर उन्हें उनके पद पर बहाल करते हुए परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई है। कहा है कि उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गंभीर धाराओं में निरुद्ध किया जाए। उन्होंने बताया कि शीघ्र मांगें पूरी नहीं हुईं तो भारतीय जनता पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उसकी सारी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। इस दौरान परदेशी रविदास, प्रमोद तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, प्रमोद जायसवाल, मधुरि सिंह, दिनेश जायसवाल, प्रेम सागर पटेल आदि उपस्थित रहे।
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दूसरी तरफ, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दयाशंकर सिंह के निष्कासन और बसपा के शीर्ष नेतृत्व की अमर्यादित प्रतिक्रिया से लोग तिलमिला उठे हैं। पाटी के भीतर ही दयाशंकर सिंह के निष्कासन को रद्द करने की मांग उठने लगी है।
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भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी डॉ शांति मिश्र ने प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर दयाशंकर सिंह को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने के निर्णय को गलत ठहराया है। कहा है कि इससे पार्टी से जुड़े लोगों को धक्का लगा है। डॉ मिश्र ने माना है कि पूर्व मुख्यमंत्री पर दयाशंकर सिंह की टिप्पणी निंदनीय है। लेकिन सजा अपराध के अनुपात में होनी चाहिए।
डॉ मिश्र ने कहा कि बसपा के लोगों ने दयाशंकर सिंह की वृद्ध मां, पत्नी और अबोध बेटी के विरुद्ध अपमानजनक और घृणित शब्दों का जिस तरह प्रयोग किया, उससे आम जनमानस उद्वेलित है। उन्होंने दयाशंकर सिंह की पत्नी और मां द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। कहा है कि जब भी किसी मां और बेटी पर अपमानजनक टिप्पणियां की जाएंगी तो समाज उसे बर्दाश्त नहीं करेगा और मां-बेटी के सम्मान में खड़ा रहेगा। डॉ शांति मिश्र ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के लिखे पत्र में दयाशंकर सिंह का निष्कासन रद्द कर उन्हें उनके पद पर बहाल करते हुए परिवार की सुरक्षा की मांग उठाई है। कहा है कि उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए