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न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:22 AM IST
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फरेंदा दीवानी न्यायालय में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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फरेंदा। न्यायालय परिसर में कोतवाल द्वारा अशोभनीय व्यवहार से नाराज अधिवक्ता शुक्रवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कोतवाल के खिलाफ न्यायालय परिसर में नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जिला जज को पत्र भेज दिया।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद मिश्र, मंत्री शंभू नाथ यादव के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में बैठक कर सिविल कोर्ट फरेंदा में कोतवाल एसके सिंह द्वारा पीठासीन अधिकारी के समक्ष व न्यायालय परिसर में अशोभनीय आचरण किया गया। इसको लेकर सभी अधिवक्ता नाराज हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोतवाल का न्यायालय परिसर में यह कृत्य निंदनीय है। उनके द्वारा न्यायपीठ व अधिवक्ताओं का अपमान किया गया।
न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए सभी अधिवक्ता एकजुट होकर विरोध करेंगे। अधिवक्ताओं की मांग है कि जब तक एसओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक न्यायालय का कार्य ठप रहेगा।
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बैठक में मुख्य रूप से अधिवक्ता विनोद चंद मणि त्रिपाठी, ध्रुव नरायन मिश्र, सुधेश मोहन श्रीवास्तव, रामसहाय गुप्त, प्रेम कुमार सिंह, स्कंद श्रीवास्तव, जेपी त्रिपाठी, प्रदीप श्रीवास्तव, इंद्र किशोर चौधरी, डीएन चतुर्वेदी, मनोज मिश्रा, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सुशील यादव, एसपी द्विवेदी, परशुराम यादव, हरिओम श्रीवास्तव, ओंकार मौर्या, दिनेश चंद श्रीवास्तव, राघवेंद्र उपाध्याय, अरविंद उपाध्याय, मो. हई खां, शमसाद अहमद, राजकिशोर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद मिश्र, मंत्री शंभू नाथ यादव के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में बैठक कर सिविल कोर्ट फरेंदा में कोतवाल एसके सिंह द्वारा पीठासीन अधिकारी के समक्ष व न्यायालय परिसर में अशोभनीय आचरण किया गया। इसको लेकर सभी अधिवक्ता नाराज हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोतवाल का न्यायालय परिसर में यह कृत्य निंदनीय है। उनके द्वारा न्यायपीठ व अधिवक्ताओं का अपमान किया गया।
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न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए सभी अधिवक्ता एकजुट होकर विरोध करेंगे। अधिवक्ताओं की मांग है कि जब तक एसओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक न्यायालय का कार्य ठप रहेगा।
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बैठक में मुख्य रूप से अधिवक्ता विनोद चंद मणि त्रिपाठी, ध्रुव नरायन मिश्र, सुधेश मोहन श्रीवास्तव, रामसहाय गुप्त, प्रेम कुमार सिंह, स्कंद श्रीवास्तव, जेपी त्रिपाठी, प्रदीप श्रीवास्तव, इंद्र किशोर चौधरी, डीएन चतुर्वेदी, मनोज मिश्रा, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सुशील यादव, एसपी द्विवेदी, परशुराम यादव, हरिओम श्रीवास्तव, ओंकार मौर्या, दिनेश चंद श्रीवास्तव, राघवेंद्र उपाध्याय, अरविंद उपाध्याय, मो. हई खां, शमसाद अहमद, राजकिशोर पांडेय आदि मौजूद रहे।