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सोनौली बार्डर पर आमने सामने हुए कस्ट़म अधिकारी व एसएसबी
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:25 AM IST
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सोनौली बार्डर पर आमने सामने हुए कस्टम व एसएसबी कर्मी
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
कस्टम क्लियरेंस पेपर नहीं होने पर वाहनों को सीमा पार करने से रोका
अमर उजाला ब्यूरो
नौतनवा (महराजगंज)। सोनौली बार्डर पर मंगलवार की रात करीब आठ बजे एसएसबी जवान व कस्टम विभाग के कर्मचारी आमने-सामने आ गए। मामला मालवाहकों के सीमा पार करने का था।
एसएसबी ने कुछ गाड़ियों को कस्टम के क्लियरेंस पेपर मौजूद न होने के कारण नेपाल में प्रवेश करने नहीं दिया। सोनौली मुख्य गेट पर रोके गए वाहनों की जानकारी मिलने पर कस्टम विभाग के कई कर्मी एसएसबी कैंप पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एसएसबी कस्टम पेपर की जांच कैसे कर सकती है। इस पर एसएसबी जवानों ने कहा कि वह कस्टम क्लियरेंस के कागजात नहीं होने पर मालवाहकों को नेपाल नहीं जाने देंगे। इस विवाद के बीच सरहद से वापस आए वाहन भारतीय कस्टम कार्यालय के सामने खड़े हो गए, जिससे रास्ता जाम हो गया। वाहनों की कतार का सिलसिला नेपाल तक भी पहुंच गया। जिससे कई नेपाली अधिकारी भी सोनौली के मुख्य गेट पर आ गए। इस मामले में करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। जब यह बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने मामले को शांत कराया और इस मुद्दे पर बैठक कर निष्कर्ष निकालने की बात कही।
इस संबंध में कस्टम इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एसएसबी अपनी मूल जांच की बजाए बेवजह कागजातों की जांच कर रही है। जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहीं एसएसबी की 22वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार का कहना है कि जिन गाड़ियों के पास कस्टम क्लियरेंस पेपर नहीं थे। उन्हें सीमा पार जाने से रोका गया था। मामले में बुधवार को कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
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उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
कस्टम क्लियरेंस पेपर नहीं होने पर वाहनों को सीमा पार करने से रोका
अमर उजाला ब्यूरो
नौतनवा (महराजगंज)। सोनौली बार्डर पर मंगलवार की रात करीब आठ बजे एसएसबी जवान व कस्टम विभाग के कर्मचारी आमने-सामने आ गए। मामला मालवाहकों के सीमा पार करने का था।
एसएसबी ने कुछ गाड़ियों को कस्टम के क्लियरेंस पेपर मौजूद न होने के कारण नेपाल में प्रवेश करने नहीं दिया। सोनौली मुख्य गेट पर रोके गए वाहनों की जानकारी मिलने पर कस्टम विभाग के कई कर्मी एसएसबी कैंप पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एसएसबी कस्टम पेपर की जांच कैसे कर सकती है। इस पर एसएसबी जवानों ने कहा कि वह कस्टम क्लियरेंस के कागजात नहीं होने पर मालवाहकों को नेपाल नहीं जाने देंगे। इस विवाद के बीच सरहद से वापस आए वाहन भारतीय कस्टम कार्यालय के सामने खड़े हो गए, जिससे रास्ता जाम हो गया। वाहनों की कतार का सिलसिला नेपाल तक भी पहुंच गया। जिससे कई नेपाली अधिकारी भी सोनौली के मुख्य गेट पर आ गए। इस मामले में करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। जब यह बात उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने मामले को शांत कराया और इस मुद्दे पर बैठक कर निष्कर्ष निकालने की बात कही।
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इस संबंध में कस्टम इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि एसएसबी अपनी मूल जांच की बजाए बेवजह कागजातों की जांच कर रही है। जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहीं एसएसबी की 22वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट सुनील कुमार का कहना है कि जिन गाड़ियों के पास कस्टम क्लियरेंस पेपर नहीं थे। उन्हें सीमा पार जाने से रोका गया था। मामले में बुधवार को कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
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