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हत्या में चार को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:23 AM IST
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महराजगंज। सदर कोतवाली थानाक्षेत्र के ग्राम सभा कुर्थिया के जंगल फरजंद अली टोले पर रास्ते के विवाद में 17 सन पूर्व हुई कन्हई केवट की हत्या में एडीजे प्रथम कोर्ट ने चार अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना 8 मार्च 1999 की शाम 6 बजे हुई थी। लाठी डंडे और फरसे से हुए हमले में कन्हई केवट की मौत हो गई थी।
इस मामले में रामरतन, राजन, जोखू, और रामजस को दोषी पाए जाने पर एडीजे प्रथम गोविंद वल्लभ शर्मा ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है है। इसके अलावा 41 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। मुकदमे के दौरान रामवृक्ष की मौत हो जाने से उसके विरुद्ध मुकदमा निरस्त कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा दिनेश पुत्र कन्हई केवट व प्रतिवादीगण के बीच दीवार चलाकर रास्ता रोकने का विवाद तीन वर्षों से कोर्ट में था। 8 मार्च 1999 को शाम 6 बजे रामवृक्ष रामरतन, राजन जोखू दीवार गिराकर रास्ता चौड़ा करने लगे। विरोध पर आरोपियों ने हमला कर दिया। बचाव में पिता कन्हई को भी मरणासन्न कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अजीत सिंह ने कई गवाह प्रस्तुत कर सजा की मांग की।
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इस मामले में रामरतन, राजन, जोखू, और रामजस को दोषी पाए जाने पर एडीजे प्रथम गोविंद वल्लभ शर्मा ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है है। इसके अलावा 41 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। मुकदमे के दौरान रामवृक्ष की मौत हो जाने से उसके विरुद्ध मुकदमा निरस्त कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा दिनेश पुत्र कन्हई केवट व प्रतिवादीगण के बीच दीवार चलाकर रास्ता रोकने का विवाद तीन वर्षों से कोर्ट में था। 8 मार्च 1999 को शाम 6 बजे रामवृक्ष रामरतन, राजन जोखू दीवार गिराकर रास्ता चौड़ा करने लगे। विरोध पर आरोपियों ने हमला कर दिया। बचाव में पिता कन्हई को भी मरणासन्न कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अजीत सिंह ने कई गवाह प्रस्तुत कर सजा की मांग की।
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