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कुपोषित को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज, पोषण पुर्नवास केंद्र का वेड फुल
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जिले में कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज
महराजगंज। पोषण पुर्नवास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती होने की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय 10 बेड के वार्ड में 10 कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जा रहा है। तीन कुपोषित बच्चे बेड खाली होने का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले के 3,164 आंगनबाडी केंद्र पर पांच वर्ष तक करीब दो लाख 80 हजार 857 बच्चे पंजीकृत हैं। बीते दिनों इन बच्चों की सेहत की जांच की गई तो उनमें से 61,491 बच्चे कुपोषित और 12,940 बच्चे अति कुपोषित मिले। इन बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज कर दी गई। इसका प्रभाव जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर दिखाई दे रहा है। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी में तीन से छह बच्चों की सेहत की जांच की जा रही है। यदि बच्चा कुपोषित है तो इसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। बीते माह में इस वार्ड के कई बेड खाली थे। यहां बच्चों को निर्धारित समय पर पौष्टिक भोजन के साथ ही उपचार होता है।
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बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए जरूरी पोषणयुक्त भोजन दिया जाता है। इसमें केला, साबुतदाना खीर, दलिया, रोटी दूध, खिचड़ी, आटे का हलवा आदि दिया जाता है, जिससे बच्चे जल्द से जल्द सुपोषित बनाया जा सके।
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- पूजा त्रिपाठी, पोषण विशेषज्ञ
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इनका चल रहा उपचार
पोषण पुनर्वास केंद्र में पूनम, आकाश, अली, संतोषी, अंशु, अर्पिता, शार्थक, समीक्षा, पलक, कुसुम कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने का प्रयास जारी है।
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जिले में कुपोषित बच्चो को सुपोषित बनाए जाने के लिए सभी ब्लाक स्तर पर सीडीपीओ को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उससे चिह्नित कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को जल्दी सुपोषित बनाया जा सके। जरूरत के अनुसार कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराया जाता है।
- दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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महराजगंज। पोषण पुर्नवास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती होने की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय 10 बेड के वार्ड में 10 कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाया जा रहा है। तीन कुपोषित बच्चे बेड खाली होने का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले के 3,164 आंगनबाडी केंद्र पर पांच वर्ष तक करीब दो लाख 80 हजार 857 बच्चे पंजीकृत हैं। बीते दिनों इन बच्चों की सेहत की जांच की गई तो उनमें से 61,491 बच्चे कुपोषित और 12,940 बच्चे अति कुपोषित मिले। इन बच्चों को सुपोषित बनाने की मुहिम तेज कर दी गई। इसका प्रभाव जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र पर दिखाई दे रहा है। अब यहां प्रतिदिन ओपीडी में तीन से छह बच्चों की सेहत की जांच की जा रही है। यदि बच्चा कुपोषित है तो इसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। बीते माह में इस वार्ड के कई बेड खाली थे। यहां बच्चों को निर्धारित समय पर पौष्टिक भोजन के साथ ही उपचार होता है।
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बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए जरूरी पोषणयुक्त भोजन दिया जाता है। इसमें केला, साबुतदाना खीर, दलिया, रोटी दूध, खिचड़ी, आटे का हलवा आदि दिया जाता है, जिससे बच्चे जल्द से जल्द सुपोषित बनाया जा सके।
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- पूजा त्रिपाठी, पोषण विशेषज्ञ
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इनका चल रहा उपचार
पोषण पुनर्वास केंद्र में पूनम, आकाश, अली, संतोषी, अंशु, अर्पिता, शार्थक, समीक्षा, पलक, कुसुम कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने का प्रयास जारी है।
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जिले में कुपोषित बच्चो को सुपोषित बनाए जाने के लिए सभी ब्लाक स्तर पर सीडीपीओ को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उससे चिह्नित कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को जल्दी सुपोषित बनाया जा सके। जरूरत के अनुसार कुपोषित बच्चों को पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती कराया जाता है।
- दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी