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Maharajganj News: स्मार्ट मीटर लगने के बाद आ गया 2.46 लाख का बिल, उपभोक्ता परेशान
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10 जुलाई को पुराना मीटर हटाकर लगाया गया था स्मार्ट मीटर
अधिक बिल बकाया होने की बात कह विभाग ने काट दिया है क्नेक्शन
परसामलिक। ग्राम पंचायत लक्ष्मीनगर में एक उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2.46 लाख बिल आने का मामला सामने आया है। जबकि पुराना मीटर बदलते वक्त उपभोक्ता ने 676 यूनिट बिजली का 8500 रुपये का बिल जमा किया था। विभाग ने अधिक बिल बकाया रहने पर उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया है। पूरा परिवार तीन महीने से अंधेरे में रहने को अभिशप्त है।
गांव निवासिनी सुशीला ने नौतनवा विद्युत उपखंड अधिकारी को मामले में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि बीते 10 जुलाई को उसका पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। मीटर बदलते वक्त 676 यूनिट का 8,500 रुपये बिल जमा किया गया था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभागीय लापरवाही के कारण 2,46,857 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। इसको लेकर गरीब परिवार काफी परेशान है। आरोप है कि गलत बिजली का बिल जारी करके विभाग ने बिजली का कनेक्शन काट दिया है। बीते तीन महीने से परिजन अंधेरे में रहने को विवश है। पीड़िता सुशीला ने जनसुनवाई के माध्यम से विद्युत मंत्री एके शर्मा को भी प्रार्थना पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की थी, मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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अधिक बिल बकाया होने की बात कह विभाग ने काट दिया है क्नेक्शन
परसामलिक। ग्राम पंचायत लक्ष्मीनगर में एक उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर लगने के बाद 2.46 लाख बिल आने का मामला सामने आया है। जबकि पुराना मीटर बदलते वक्त उपभोक्ता ने 676 यूनिट बिजली का 8500 रुपये का बिल जमा किया था। विभाग ने अधिक बिल बकाया रहने पर उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया है। पूरा परिवार तीन महीने से अंधेरे में रहने को अभिशप्त है।
गांव निवासिनी सुशीला ने नौतनवा विद्युत उपखंड अधिकारी को मामले में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि बीते 10 जुलाई को उसका पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाया गया। मीटर बदलते वक्त 676 यूनिट का 8,500 रुपये बिल जमा किया गया था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभागीय लापरवाही के कारण 2,46,857 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। इसको लेकर गरीब परिवार काफी परेशान है। आरोप है कि गलत बिजली का बिल जारी करके विभाग ने बिजली का कनेक्शन काट दिया है। बीते तीन महीने से परिजन अंधेरे में रहने को विवश है। पीड़िता सुशीला ने जनसुनवाई के माध्यम से विद्युत मंत्री एके शर्मा को भी प्रार्थना पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की थी, मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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