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Maharajganj News: चंदन नदी के पूर्वी छोर पर बनेगा बांध, सर्वे कार्य शुरू

Sat, 09 Sep 2023 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 09 Sep 2023 01:10 AM IST
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construction work
ठूूूूठीबारी चंदन नदी के पूर्वी छोर पर लगने वाले बांध के मद्देनजर सर्वे करते कर्मचारी।संवाद
महराजगंज। चंदन नदी के पूर्वी छोर के गांवों के किसानों के लिए खुशखबरी है। नेपाल के पहाड़ों से निकल कर भारतीय क्षेत्र में बहने वाली चंदन नदी के पूर्वी छोर पर बांध बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसमें चंदन नदी पर चार किमी बांध का निर्माण होना है। बाॅर्डर से मरचहवां गांव के पूरब होते हुए रामनगर मोड़ तक बनना है।
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सिंचाई खंड-दो की ओर से भारतीय क्षेत्र के नो मेंस लैंड से भरवलिया गांव तक बांध बनाने के लिए सीमांकन कर सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इस दौरान बांध निर्माण कार्य में पड़ने वाली जमीन का मुवावजा किसानों के सहमति पत्र के आधार पर वितरित किया जाएगा। इस बाबत अवर अभियंता सौरव कुमार मल्ल ने बताया कि विभाग के आदेश पर बांध का सर्वे शुरू कर दिया गया है। धन स्वीकृत होते ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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बांध बनने से दर्जनों गांव को मिलेगी राहत
चंदन नदी के बाढ़ की त्रासदी को वर्षों से झेल रहे दर्जनों गांवों के किसानों को राहत मिलने वाली है। इसमें भरवलियां, चटिया, लक्षमीपुरखुर्द, लालपुर, कडजा, मोहम्मदपुर, तुरकहिया, नौनिया, बसंतपुर, इटहिया, बेलवा, बोदना सहित कई गांवों को राहत मिलेगी। बाढ़ की विभिषिका से क्षेत्र के किसानों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से 1979-80 में चंदन नदी के पश्चिमी व झरही उर्फ प्यास नदी के पूर्वी छोर पर 16 किमी तटबंध का निर्माण कराया गया था।
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बांध न होने से किसानों की फसल होती रहती है बर्बाद
लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के दक्षिण होकर बहने वाली भौरहियां नदी के दोनों तरफ, चंदन नदी के पूर्वी छोर, झरही उर्फ प्यास नदी के पश्चिमी छोर पर तटबंध का निर्माण नहीं हुआ। नेपाल के पहाड़ समेत भारतीय सीमा में बारिश होने से उपरोक्त नदियां उफान पर आ जाती हैं, और जर्जर छोर तोड़ते हुए किसानों की फसल बर्बाद कर देती है।
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