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Maharajganj News: मौसम के उतार-चढ़ाव से बीमार हो रहे बच्चे, ओपीडी में रोज पहुंच रहे 70 से 80 मरीज
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महराजगंज। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। सुबह और शाम के समय ठंडक, जबकि दोपहर में गर्मी के कारण बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश की समस्या से परेशान हो रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल पहुंचने वालों में सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है। मौसम में बदलाव को देखते हुए चिकित्सक अभिभावकों को बच्चों की सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों को अपनी चपेट में लेने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों की सेहत पर इसका अधिक असर पड़ सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खानपान, पहनावे और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह और शाम के समय बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। वहीं, दिन में तापमान बढ़ने पर उनके कपड़ों का चयन मौसम के अनुसार करें, ताकि उन्हें अधिक गर्मी या ठंड का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने बताया कि बच्चों को ठंडे पेय पदार्थों और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचाना चाहिए। उन्हें साफ और ताजा भोजन दें तथा पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के साथ बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें।
डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि यदि बच्चे को लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं। अभिभावक बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न दें। समय पर जांच और उचित उपचार से बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद मिल सकती है।
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जिला अस्पताल पहुंचने वालों में सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है। मौसम में बदलाव को देखते हुए चिकित्सक अभिभावकों को बच्चों की सेहत के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों को अपनी चपेट में लेने वाले संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों की सेहत पर इसका अधिक असर पड़ सकता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खानपान, पहनावे और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सुबह और शाम के समय बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं। वहीं, दिन में तापमान बढ़ने पर उनके कपड़ों का चयन मौसम के अनुसार करें, ताकि उन्हें अधिक गर्मी या ठंड का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने बताया कि बच्चों को ठंडे पेय पदार्थों और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचाना चाहिए। उन्हें साफ और ताजा भोजन दें तथा पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के साथ बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें।
डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि यदि बच्चे को लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सक से जांच कराएं। अभिभावक बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न दें। समय पर जांच और उचित उपचार से बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद मिल सकती है।