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Maharajganj News: कामर्शियल लेयर फार्म से बढ़ेगी समृद्धि, दूर होगी बेरोजगारी
Sat, 17 Aug 2024 04:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:43 AM IST
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महराजगंज। अंडों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जनपद में पांच कामर्शियल लेयर फार्म के लिए शासन से लक्ष्य मिला है। पांच आवेदन का सत्यापन कर पशुपालन विभाग ने स्वीकृति दी है। बैंकों से ऋण मिलने के बाद यह फार्म स्थापित हो सकेंगे।
पशुपालन को लघु उद्योग के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता में है। कुक्कुट विकास नीति के तहत पशुपालन से जुड़े उद्योग लगाने वाले लाभार्थियों को सरकार अनुदान और छूट देकर प्रोत्साहित कर रही है। पशुपालन विभाग में शासन से दो प्रकार की परियोजनाएं संचालित हैं। कामर्शियल लेयर फार्म की स्थापना और दूसरा ब्रायलर पैरेन्टफार्म की स्थापना।
कामर्शियल लेयर फार्म में तीन स्तर की इकाईयां लगाने की व्यवस्था है। 10 हजार पक्षी वाले लेयर इकाई की स्थापना लागत एक करोड़ रुपये, 30 हजार पक्षी इकाई की स्थापना वाले लेयर फार्म की लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है। 60 हजार पक्षी वाला लेयर फार्म पांच करोड़ की लागत से स्थापित होंगे। लाभार्थियों को सात प्रतिशत ब्याज की दर से पांच वर्ष के लिए बैंक से वित्तपोषण किया जाएगा है।
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पांच वर्ष तक ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज बैंक स्तर से दिया जाएगा, जबकि ब्याज की राशि सात प्रतिशत से अधिक होने की दशा में ब्याज की अतिरिक्त राशि लाभार्थी को स्वयं देना होगा। परियोजना वित्तपोषण का 30 फीसदी मार्जिन मनी और 70 फीसदी वित्त पोषण बैंक के द्वारा होगा।
कामर्शियल लेयर फार्म इकाईयों का विद्युत बिल पशुधन विभाग के बजट से दी जाएगी और इकाईयों के लिए क्रय की गई भूमि या लीज पर ली गई भूमि पर स्टाम्प पर शत प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था है।
आहार के लिए अंडे का उत्पादन सुनिश्चित कराने के लिए शासन स्तर से जनपद में पांच कामर्शियल लेयर फार्म स्थापित करने के लिए लक्ष्य मिला है। जिसको स्थपित करने के लिए मिले पांच आवेदन पत्रों का सत्यापन करके शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति और बैंक से परियोजना इकाई का वित्त पोषण के बाद यह इकाईयां स्थापित हो सकेंगी।
-डॉ. विनोद विश्वकर्मा, पशु चिकित्साधिकारी
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पशुपालन को लघु उद्योग के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता में है। कुक्कुट विकास नीति के तहत पशुपालन से जुड़े उद्योग लगाने वाले लाभार्थियों को सरकार अनुदान और छूट देकर प्रोत्साहित कर रही है। पशुपालन विभाग में शासन से दो प्रकार की परियोजनाएं संचालित हैं। कामर्शियल लेयर फार्म की स्थापना और दूसरा ब्रायलर पैरेन्टफार्म की स्थापना।
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कामर्शियल लेयर फार्म में तीन स्तर की इकाईयां लगाने की व्यवस्था है। 10 हजार पक्षी वाले लेयर इकाई की स्थापना लागत एक करोड़ रुपये, 30 हजार पक्षी इकाई की स्थापना वाले लेयर फार्म की लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है। 60 हजार पक्षी वाला लेयर फार्म पांच करोड़ की लागत से स्थापित होंगे। लाभार्थियों को सात प्रतिशत ब्याज की दर से पांच वर्ष के लिए बैंक से वित्तपोषण किया जाएगा है।
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पांच वर्ष तक ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज बैंक स्तर से दिया जाएगा, जबकि ब्याज की राशि सात प्रतिशत से अधिक होने की दशा में ब्याज की अतिरिक्त राशि लाभार्थी को स्वयं देना होगा। परियोजना वित्तपोषण का 30 फीसदी मार्जिन मनी और 70 फीसदी वित्त पोषण बैंक के द्वारा होगा।
कामर्शियल लेयर फार्म इकाईयों का विद्युत बिल पशुधन विभाग के बजट से दी जाएगी और इकाईयों के लिए क्रय की गई भूमि या लीज पर ली गई भूमि पर स्टाम्प पर शत प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था है।
आहार के लिए अंडे का उत्पादन सुनिश्चित कराने के लिए शासन स्तर से जनपद में पांच कामर्शियल लेयर फार्म स्थापित करने के लिए लक्ष्य मिला है। जिसको स्थपित करने के लिए मिले पांच आवेदन पत्रों का सत्यापन करके शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति और बैंक से परियोजना इकाई का वित्त पोषण के बाद यह इकाईयां स्थापित हो सकेंगी।
-डॉ. विनोद विश्वकर्मा, पशु चिकित्साधिकारी