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Maharajganj News: देसी लहसुन में चाइनीज की चमक... चार से पांच टन की हर रोज खपत

Thu, 12 Sep 2024 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 12 Sep 2024 02:12 AM IST
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Chinese shine in desi garlic... consumption of four to five tonnes every day
चाइनीज लहसुन। 
महराजगंज। मिलावट के खेल में धंधेबाज लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। देसी लहसुन में चाइनीज मिलाकर धंधा चमका रहे हैं। रोजाना चार से पांच टन चाइनीज लहसुन की खपत हो रही है। इसमें मिलावट भी शामिल है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कर्मियों की नजर में तस्कर चढ़ते हैं तो गिरफ्तार में आते हैं, ओझल होते ही किनारा कस लेते हैं।
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बुधवार को सीमावर्ती से लेकर शहर के बाजारों की पड़ताल की गई। इस दौरान धंधेबाजों की चाल समझ में आई। भारतीय लहसुन का कारोबार चाइनीज की वजह से प्रभावित हो रहा है। सस्ता होने के कारण धंधेबाज चाइनीज लहसुन खरीद लेते हैं, इसे भारतीय लहसुन में मिलाकर आसानी से बेच देते हैं। इसे सामान्य ग्राहक पहचान नहीं पाते हैं। बाजार में इस कारोबार को धंधेबाजों ने अपने पूरे नेटवर्क में फंसा दिया है। इस वजह से मिलावट के खेल में ग्राहक धोखा खा रहे हैं और धंधेबाज मोटी कमाई कर रहे हैं। रेट में भी बहुत अंतर है।
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चाइनीज लहसुन 80 रुपये प्रति किलो के भाव से मिल जाता है। इसे भारतीय बाजार की मांग और ग्राहक की प्रोफाइल देखकर रेट तय किया जाता है। फुटकर में 230 से लेकर 270 रुपये प्रति किलो लहसुन बिक रहा है। सूत्रों की माने तो धंधेबाज मोटा लाभ लेने के चक्कर में चाइनीज लहसुन मिलाकर बेच रहे हैं। बहुत ध्यान से देखने में मामला पकड़ में आएगा। धंधेबाज थोक में 140 से 160 रुपये प्रति किलो की दर से चाइनीज लहसुन भारतीय क्षेत्र में खरीद लेते हैं, इसमें उनके पास पहले से उपलब्ध भारतीय लहसुन मिला देते हैं।
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उधर, चाइनीज लहसुन खाने से सेहत पर विपरित असर पड़ रहा है। केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल की पोषण विशेषज्ञ सीमा निषाद ने बताया कि चाइनीज लहसुन में ऐसे तत्व पाए जाते हैं तो कीडनी, लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में सचेत रहने की जरूरत है। पौष्टिक होने की आस में अगर मिलावट वाला चाइनीज लहसुन का प्रयोग कोई लंबे समय तक करेगा तो सेहत के लिए ठीक नहीं रहेगा। सीने व पेट में जलन, पेट दर्द का कारण भी बन सकता है।

चीनी लहसुन में लाभकारी गुणों की कमी होती है। यह आधुनिक कृषि तकनीकों के एकीकरण के साथ उगाया जाता है। इसमें रसायनों और कीटनाशकों का भारी उपयोग होता है। इसलिए, स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है। इसमें सिंथेटिक पदार्थ भी होते हैं, जो खतरनाक हो सकते हैं। इसके खाने में इस्तेमाल करने के बाद पेट से संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं। पेट में सूजन, गैस्ट्राइटिस या अन्य साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।
-डॉ. आशीष त्रिपाठी, आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी

लहसुन की संतुलित मात्रा जहां जीवन रक्षक है, वहीं इसकी अधिक मात्रा खून को इतना पतला कर देती है कि वह स्वयं ही शरीर से बाहर आने लगता है। बवासीर समेत कई बीमारियों में इसका कुप्रभाव अधिक होता है। इसलिए सेहत के लिए फायदेमंद लहसुन की एक से दो कली ही एक दिन में खाइए, अन्यथा गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं।


-डॉ. देवचंद्र कुशवाहा, वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक




कस्टम विभाग ने कराया नष्ट, लोग गड्ढे से निकाल ले गए लहसुन
महराजगंज। लोग लालच के चक्कर में अपने सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। सेहत के लिए हानिकारक होने के चलते कस्टम विभाग ने 1400 बोरी लहसुन नष्ट करा दिया था। कस्टम विभाग के जाते ही लहसुन के लिए लूटमार मच गई। कस्टम विभाग ने लैब में टेस्ट कराने के बाद मंगलवार को 1400 बोरी चाइनीज लहसुन नौतनवा स्थित गैस गोदाम के पीछे जमीन खोदकर नष्ट करा दिया था। कस्टम विभाग के जाते ही आसपास और नेपाल सहित दूर-दराज के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोग गड्ढे से बोरे व झोले में एकत्र कर लहसुन अपने घर उठा ले गए। संवाद
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