{"_id":"65d3c87dfcaed5f1d407f325","slug":"children-of-314-council-schools-will-study-on-the-lines-of-convent-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-116117-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: कान्वेंट की तर्ज पर पढ़ेंगे 314 परिषदीय विद्यालयों के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: कान्वेंट की तर्ज पर पढ़ेंगे 314 परिषदीय विद्यालयों के बच्चे
Tue, 20 Feb 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:00 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। जिले के 314 परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को कान्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर अब स्मार्ट क्लास में पढ़ने की सुविधा मिलेगी। शासन से इन विद्यालयों में एलईडी टीवी लगाने की स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए जिले के 314 विद्यालयों को चिह्नित कर काम शुरू करा दिया गया है। एक स्मार्ट क्लास बनाने में करीब दो लाख 40 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत जिले में 1724 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में दो लाख नौ हजार 182 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जल्द ही इनमें से 314 स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों की तरह स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाए जाएंगे। इसके जरिए दीक्षा सहित अन्य एप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट क्लास में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करके छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाया जाएगा। इस तकनीकि का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। स्मार्ट क्लास बनने के बाद नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाया जा रहा है वहां सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए दरवाजे और गेट में डबल इंटरलॉक लगवाया जाएगा। खिड़कियों को मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई जाएगी। प्रधानाध्यापक एवं ग्राम प्रधान पर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के तहत जिले में 1724 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में दो लाख नौ हजार 182 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जल्द ही इनमें से 314 स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों की तरह स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाए जाएंगे। इसके जरिए दीक्षा सहित अन्य एप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट क्लास में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करके छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाया जाएगा। इस तकनीकि का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। स्मार्ट क्लास बनने के बाद नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाया जा रहा है वहां सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए दरवाजे और गेट में डबल इंटरलॉक लगवाया जाएगा। खिड़कियों को मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई जाएगी। प्रधानाध्यापक एवं ग्राम प्रधान पर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी रहेगी।
विज्ञापन