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Maharajganj News: वायरल की चपेट में बच्चे, जिला अस्पताल में बढ़े मरीज
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महराजगंज। मौसम में बदलाव के साथ बच्चों में वायरल संक्रमण का प्रकोप बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी से लेकर संक्रामक रोग वार्ड तक मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिला। बच्चों में बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आ रही है।
संक्रामक रोग वार्ड में वर्तमान में करीब 30 बच्चे भर्ती हैं। इनमें 22 बच्चे बुखार, पांच डायरिया और दो बच्चे निमोनिया से पीड़ित बताए गए हैं। सभी बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। वार्ड में रुधौली भावचक निवासी आठ माह के राज को बुखार की शिकायत पर भर्ती कराया गया है। इसके अलावा डेढ़ माह के अंकुश, आदित्य, शिवांश, रवि, आनंद, जया समेत अन्य बच्चे भी उपचाराधीन हैं। परिजनों के मुताबिक कई बच्चों को अचानक तेज बुखार के साथ सर्दी-खांसी और पेट संबंधी परेशानी शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि बाल रोग ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 35 बच्चे वायरल संक्रमण के लक्षण वाले होते हैं। बच्चों में मुख्य रूप से सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत मिल रही है। उन्होंने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण का असर बच्चों पर अधिक पड़ रहा है। छोटे बच्चों में संक्रमण तेजी से असर कर सकता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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साफ-सफाई और खानपान का रखें ध्यान
डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि वायरल संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों को साफ पानी पिलाने और ताजा व स्वच्छ भोजन देने का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों के हाथों की नियमित सफाई के साथ घर के आसपास भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बच्चों को बचाना चाहिए। मौसम बदलने के दौरान बच्चों को अचानक ठंडे-गर्म वातावरण में जाने से भी बचाना चाहिए। तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या बच्चा अधिक सुस्त दिखाई दे तो बिना देर किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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संक्रामक रोग वार्ड में वर्तमान में करीब 30 बच्चे भर्ती हैं। इनमें 22 बच्चे बुखार, पांच डायरिया और दो बच्चे निमोनिया से पीड़ित बताए गए हैं। सभी बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। वार्ड में रुधौली भावचक निवासी आठ माह के राज को बुखार की शिकायत पर भर्ती कराया गया है। इसके अलावा डेढ़ माह के अंकुश, आदित्य, शिवांश, रवि, आनंद, जया समेत अन्य बच्चे भी उपचाराधीन हैं। परिजनों के मुताबिक कई बच्चों को अचानक तेज बुखार के साथ सर्दी-खांसी और पेट संबंधी परेशानी शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि बाल रोग ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 30 से 35 बच्चे वायरल संक्रमण के लक्षण वाले होते हैं। बच्चों में मुख्य रूप से सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत मिल रही है। उन्होंने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण का असर बच्चों पर अधिक पड़ रहा है। छोटे बच्चों में संक्रमण तेजी से असर कर सकता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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साफ-सफाई और खानपान का रखें ध्यान
डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि वायरल संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों को साफ पानी पिलाने और ताजा व स्वच्छ भोजन देने का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों के हाथों की नियमित सफाई के साथ घर के आसपास भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बच्चों को बचाना चाहिए। मौसम बदलने के दौरान बच्चों को अचानक ठंडे-गर्म वातावरण में जाने से भी बचाना चाहिए। तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या बच्चा अधिक सुस्त दिखाई दे तो बिना देर किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।