{"_id":"5bcf7292bdec22697b115dff","slug":"children-getting-sick-by-changing-the-weather","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम में बदलाव से बीमार हो रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम में बदलाव से बीमार हो रहे बच्चे
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:42 AM IST
विज्ञापन
मौसम में बदलाव से बीमार हो रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। मौसम में बदलाव का असर बच्चों के सेहत पर पड़ रहा है। बुखार के साथ ही बच्चे सर्दी व खांसी की चपेट में आने लगे हैं। इससे निजी व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण बच्चे बुखार व सर्दी आदि की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को पहले नाक से पानी आने व इसके बाद बुखार होने से परिजन परेशान हो रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा का कहना है कि जिला अस्पताल में बुखार व सर्दी-जुकाम के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बुखार, सर्दी-जुकाम की चपेट में तो बच्चों के अलावा बुजुर्ग भी आ जा रहे हैं। सुबह और शाम ठंड बढ़ने से ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है। बहुत से छोटे बच्चे निमोनिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक बच्चे बुखार, सर्दी व जुकाम से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जिनका डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में जबर्दस्त भीड़ रही। दोपहर दो बजे तक ओपीडी में मरीजों के साथ तीमारदार पहुंचते रहे। बाल रोग विशेष डॉ. आरपी राय ने कहा कि सबसे अधिक बच्चे बुखार की चपटे में आ जा रहे हैं। छोटे बच्चों को ज्यादा दिक्कत होने लगी है। अब कुछ बच्चों में निमोनिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को अस्पताल में भर्ती भी किया जा रहा है।
डॉक्टर एमएम भास्कर ने कहा कि सर्दी जुकाम के साथ ही गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या भी अचानक बढ़ गई है। ओपीडी में कई मरीज गले के संक्रमण से परेशान होकर इलाज के लिए आ रहे हैं। गले में संक्रमण से परेशान मरीजों को पानी पीने में दिक्कत महसूस होती है, खाना निगलने में परेशानी होती है। जिला अस्पताल में चेहरी क्षेत्र से आए रामकवल ने बताया कि दो दिन से उनके बच्चे के नाक से पानी आ रहा था, इसके बाद बुखार आने लगा। नजदीक के मेडिकल स्टोर से दवा ले आए लेकिन राहत नहीं पहुंची। इसके बाद जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए हैं। इनके अलावा कई अन्य मरीज व तीमारदार डॉक्टर कक्ष के बाहर खडे़ रहे। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने कहा कि इस समय मौसम में नमी के कारण बुखार व सर्दी के मरीज बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा का कहना है कि जिला अस्पताल में बुखार व सर्दी-जुकाम के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बुखार, सर्दी-जुकाम की चपेट में तो बच्चों के अलावा बुजुर्ग भी आ जा रहे हैं। सुबह और शाम ठंड बढ़ने से ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है। बहुत से छोटे बच्चे निमोनिया की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 100 से अधिक बच्चे बुखार, सर्दी व जुकाम से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जिनका डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में जबर्दस्त भीड़ रही। दोपहर दो बजे तक ओपीडी में मरीजों के साथ तीमारदार पहुंचते रहे। बाल रोग विशेष डॉ. आरपी राय ने कहा कि सबसे अधिक बच्चे बुखार की चपटे में आ जा रहे हैं। छोटे बच्चों को ज्यादा दिक्कत होने लगी है। अब कुछ बच्चों में निमोनिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को अस्पताल में भर्ती भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
डॉक्टर एमएम भास्कर ने कहा कि सर्दी जुकाम के साथ ही गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या भी अचानक बढ़ गई है। ओपीडी में कई मरीज गले के संक्रमण से परेशान होकर इलाज के लिए आ रहे हैं। गले में संक्रमण से परेशान मरीजों को पानी पीने में दिक्कत महसूस होती है, खाना निगलने में परेशानी होती है। जिला अस्पताल में चेहरी क्षेत्र से आए रामकवल ने बताया कि दो दिन से उनके बच्चे के नाक से पानी आ रहा था, इसके बाद बुखार आने लगा। नजदीक के मेडिकल स्टोर से दवा ले आए लेकिन राहत नहीं पहुंची। इसके बाद जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए हैं। इनके अलावा कई अन्य मरीज व तीमारदार डॉक्टर कक्ष के बाहर खडे़ रहे। सीएमएस डॉक्टर आरबी राम ने कहा कि इस समय मौसम में नमी के कारण बुखार व सर्दी के मरीज बढ़े हैं।
विज्ञापन