{"_id":"5cf41979bdec22070460c4a3","slug":"challenges-to-control-fire-incidents-due-to-lack-of-staff","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की कमी से आग की घटनाओं पर नियंत्रण बनी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की कमी से आग की घटनाओं पर नियंत्रण बनी चुनौती
Mon, 03 Jun 2019 12:16 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 03 Jun 2019 12:16 AM IST
विज्ञापन
कर्मचारियों की कमी से आग की घटनाओं पर नियंत्रण बनी चुनौती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। सूरत के कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद से जांच तेज हो गई है। वहीं जिले में अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की कमी की समस्या से जूझ रहा है। साथ ही संसाधनों की कमी भी चुनौती बनी हुई है। करीब 30 लाख की आबादी वाले जिले में अग्निशमन विभाग में 71 के सापेक्ष 45 कर्मचारी ही तैनात हैं।
अग्निशमन विभाग को फरेंदा में फायर स्टेशन के लिए जमीन नहीं मिल रही है। वहीं नौतनवां एवं निचलौल में जमीन मिलने के बाद भी अभी अग्निशमन केंद्र के लिए भवन निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। कार्ययोजना बनाकर कर अनुमोदन के लिए शासन में भेजी दी गई है। जिले में अगर तीनों अग्निशमन केंद्र चालू हो जाए, तो आग की घटनाओं पर काबू पाने में आसानी होगी। जिले में महराजगंज के धनेवा-धनेई एवं सबया में अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। इन्हीं दो केंद्रों से जिले में आग लगने की घटनाओं पर काबू करने के लिए विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं। जरूरत को देखते हुए फरेंदा, निचलौल एवं नौतनवां में अग्निशमन केंद्र खोलने की कवायद शुरू हुई लेकिन यह प्रयास अभी तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। फरेंदा में अग्निशमन केंद्र खोलने के लिए विभाग को जमीन ही नहीं मिल रही है। वहीं नौतनवां एवं निचलौल में जमीन तो मिल चुकी है लेकिन शासन को प्रस्तावित कार्ययोजना अनुमोदित न होने के कारण अब तक अग्निशमन केंद्र के लिए भवन निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया है। एफएसओ ओमप्रकाश ने बताया कि श्यामदेउरवां में एक चालक व चार फायरमैन, फरेंदा में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन, नौतनवां में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन लगाए गए हैं। एक-एक बड़ी गाड़ी सिसवा, महराजगंज व फरेंदा तथा एक-एक छोटी गाड़ी श्यामदेउरवा व नौतनवां में लगाई गई है। सिसवा में एक चालक, दो हवलदार व सात फायरमैन तथा महराजगंज में एक अग्निशमन अधिकारी, दो हवलदार व चौदह फायरमैन तैनात हैं। एक मुख्य अग्निशमन अधिकारी, दो अग्निशमन अधिकारी, दो चालक, एक हवलदार तथा 20 फायरमैन के पद रिक्त हैं। जिले में वर्ष 2017 में आग लगने की 259 घटनाएं हुई थीं। वहीं वर्ष 2018 में 364 और 2019 में अब तक 180 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं घट चुकी हैं।
विज्ञापन
अग्निशमन विभाग को फरेंदा में फायर स्टेशन के लिए जमीन नहीं मिल रही है। वहीं नौतनवां एवं निचलौल में जमीन मिलने के बाद भी अभी अग्निशमन केंद्र के लिए भवन निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। कार्ययोजना बनाकर कर अनुमोदन के लिए शासन में भेजी दी गई है। जिले में अगर तीनों अग्निशमन केंद्र चालू हो जाए, तो आग की घटनाओं पर काबू पाने में आसानी होगी। जिले में महराजगंज के धनेवा-धनेई एवं सबया में अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। इन्हीं दो केंद्रों से जिले में आग लगने की घटनाओं पर काबू करने के लिए विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं। जरूरत को देखते हुए फरेंदा, निचलौल एवं नौतनवां में अग्निशमन केंद्र खोलने की कवायद शुरू हुई लेकिन यह प्रयास अभी तक सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। फरेंदा में अग्निशमन केंद्र खोलने के लिए विभाग को जमीन ही नहीं मिल रही है। वहीं नौतनवां एवं निचलौल में जमीन तो मिल चुकी है लेकिन शासन को प्रस्तावित कार्ययोजना अनुमोदित न होने के कारण अब तक अग्निशमन केंद्र के लिए भवन निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया है। एफएसओ ओमप्रकाश ने बताया कि श्यामदेउरवां में एक चालक व चार फायरमैन, फरेंदा में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन, नौतनवां में एक चालक, एक हवलदार व चार फायरमैन लगाए गए हैं। एक-एक बड़ी गाड़ी सिसवा, महराजगंज व फरेंदा तथा एक-एक छोटी गाड़ी श्यामदेउरवा व नौतनवां में लगाई गई है। सिसवा में एक चालक, दो हवलदार व सात फायरमैन तथा महराजगंज में एक अग्निशमन अधिकारी, दो हवलदार व चौदह फायरमैन तैनात हैं। एक मुख्य अग्निशमन अधिकारी, दो अग्निशमन अधिकारी, दो चालक, एक हवलदार तथा 20 फायरमैन के पद रिक्त हैं। जिले में वर्ष 2017 में आग लगने की 259 घटनाएं हुई थीं। वहीं वर्ष 2018 में 364 और 2019 में अब तक 180 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं घट चुकी हैं।
विज्ञापन